वैशाली में शॉर्ट सर्किट से 5 एकड़ गेहूं की फसल राख, कर्ज लेकर की थी खेती
वैशाली के लालगंज थाना क्षेत्र के नामीडीह गांव में शॉर्ट सर्किट से पांच एकड़ गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, जिससे ...और पढ़ें

5 एकड़ गेहूं की फसल राख
HighLights
वैशाली के नामीडीह में शॉर्ट सर्किट से गेहूं खेत में आग लगी।
पांच एकड़ तैयार गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हुई।
कर्जदार किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग की है।
संवाद सूत्र, लालगंज। थाना क्षेत्र के नामीडीह गांव में शुक्रवार की दोपहर गेहूं खेत में आग लगने से लगभग पांच एकड़ खेत में लगी गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही किसान और स्थानीय लोगों का हुजूम खेतों में पहुंच गई एवं मिट्टी, कादो, बोरिंग आदि के पानी से आग पर काबू पाया गया।
घटना की जानकारी लोगो ने पुलिस को दी। इसके बाद लालगंज और करताहां थाने की पुलिस की टीम दमकल के साथ पहुंची। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू किया गया। हालांकि जब तक पांच एकड़ की फसल जलकर राख हो चुकी थी।
ब्याज पर पैसा लेकर की थी खेती
घटना के बाद किसानों का रो-रोकर बुरा हाल था। किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत और लगन के साथ बैंक से सूद ब्याज पर पैसा लेकर खेती की थी। आशा थी कि फसल तैयार होगा तो अनाज को बेचकर बैंक का कर्ज चुका दूंगा। लेकिन आशा पर निराशा फिर गया और सारा फसल जलकर राख हो गया।
नामीडीह के किसान अजय कुमार सिंह उर्फ कन्हाई सिंह, मनोज कुमार सिंह, इंद्रजीत कुमार उर्फ बमबम, बिपिन कुमार सिंह एवं अन्य किसानों के खेत में लगी लगभग पांच एकड़ गेहूं की फसल में बिजली की शाट सर्किट से आग लगी थी।
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सूझबूझ और तत्परता से आग पर काबू पाया
इस दौरान ग्रामीणों और किसानों ने सूझबूझ और तत्परता से आग पर काबू पाया। किसानों का कहना है कि खेत के बीचों बीच बिजली विभाग की तार गुजरती है। कहीं-कहीं लटकते तार की वजह से बिजली का शाट सर्किट होता है। जिसके कारण गेहूं की फसल में आग लग गई और पांच एकड़ की फसल जलकर राख हो गई।
इस संबंध में लालगंज बिजली विभाग को कई बार मौखिक और लिखित जानकारी दिया गया था। लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया गया। इस बीच तेज हवा के झोंके के कारण फसल के साथ-साथ कई गांवों के जलकर राख हो जाने की बड़ी घटना हो सकती थी।
लेकिन तत्परता ने बड़ी घटना होने से बचा लिया गया। इस घटना से किसान काफी दुखी है। कुछ किसानों का रोते-रोते बुरा हाल है। किसानों ने सरकार से अपील करते हुए मुआवजा की मांग की है।