मुसीबत में देवदूत बनी वैशाली पुलिस: डायल-112 टीम ने 8 मिनट में पहुंचकर महिला को पहुंचाया अस्पताल, बची जान
वैशाली के पातेपुर में डायल-112 टीम ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला की जान बचाई। टीम ने महज 8-10 मिनट में मौके पर पहुंचकर महिला को अस्प ...और पढ़ें

अस्पताल में इलाजरत महिला। जागरण
HighLights
डायल-112 टीम ने पातेपुर में महिला की जान बचाई।
महिला ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था।
पुलिस की त्वरित मदद से समय पर मिला जीवनदान।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। संकट की घड़ी में पुलिस की त्वरित मदद किसी के लिए जीवनदान बन सकती है। इसका उदाहरण पातेपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिला।
डायल-112 की टीम ने महज 8-10 मिनट में मौके पर पहुंचकर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाली एक महिला की जान बचा ली। यह जानकारी एसपी कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई।
जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गुरुवार को पातेपुर थाना क्षेत्र में डायल-112 के कंट्रोल रूम को एक इवेंट के जरिए सूचना मिली कि एक महिला ने जहरीला खाद्य पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही एक्शन में आई डायल 112 की टीम
सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात डायल-112 टीम में शामिल सिपाही सिकंदर कुमार और महिला सिपाही रूबी कुमारी तुरंत एक्शन में आ गए।
टीम बिना एक पल गंवाए घटनास्थल की ओर रवाना हुई और लगभग 8-10 मिनट के भीतर ही घर पहुंच गई। वहां टीम ने देखा कि महिला की हालत गंभीर थी।
स्थिति को भांपते हुए दोनों जवानों ने देर न करते हुए महिला को अपने वाहन से सीधे सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां भर्ती कराने के बाद उसका इलाज भी शुरू करवाया।
समय पर इलाज से बची युवती की जान
डॉक्टर के अनुसार समय पर मेडिकल मदद मिलने के कारण महिला की जान बच सकी। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती तो अनहोनी हो सकती थी।
इसके बाद डायल-112 टीम ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए महिला के माता-पिता और ससुराल पक्ष के लोगों को भी सूचना दी और उन्हें अस्पताल बुलाया।
इस पूरी घटना में पातेपुर डायल-112 टीम की तत्परता, सूझबूझ और मानवीय दृष्टिकोण की हर तरफ सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डायल-112 अब सिर्फ आपातकालीन नंबर नहीं रहा, बल्कि मुसीबत में फंसे लोगों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन गया है।
पुलिस अधिकारियों ने भी टीम के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि डायल-112 का मुख्य उद्देश्य समय पर मदद पहुंचाकर लोगों की जान बचाना है। पातेपुर टीम ने इसे जमीन पर उतारकर दिखाया है। फिलहाल युवती का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।