चार धाम यात्रा में हेलीकॉप्टर और होटल बुकिंग के नाम पर एक्टिव हुए साइबर ठग, वैशाली एसपी जारी की एडवाइजरी
वैशाली पुलिस ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। हेलीकॉप्टर, होटल और यात्रा पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग के ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
केवल अधिकृत/सरकारी वेबसाइट से ही बुकिंग करें।
ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक विवरण साझा न करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
जागरण संवाददाता, हाजीपुर। 19 अप्रैल 2026 से शुरू हुई चार धाम यात्रा के बीच वैशाली पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए साइबर सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। हेलीकॉप्टर, होटल और यात्रा पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग के दौरान साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
वैशाली पुलिस ने अपने जागरूकता अभियान में कहा है कि श्रद्धालु बड़ी संख्या में ऑनलाइन बुकिंग कर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया लिंक के जरिए धोखाधड़ी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बुकिंग केवल अधिकृत/सरकारी वेबसाइट या प्लेटफॉर्म से ही करें।
श्रद्धालुओं के लिए 6 जरूरी टिप्स
वैशाली पुलिस ने श्रद्धालुओं के लिए 6 जरूरी टिप्स जारी किए हैं, केवल अधिकृत वेबसाइट, हेलीकॉप्टर, होटल और यात्रा पैकेज सिर्फ सरकारी/अधिकृत वेबसाइट से बुक करें। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या अनजान लिंक से मिले ऑफर पर भरोसा न करें।ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक विवरण किसी से साझा न करें।
सस्ते ऑफर या जल्दी बुकिंग के नाम पर एडवांस भुगतान न करें। भुगतान से पहले वेबसाइट का यूआरएल और प्रामाणिकता जांच लें। किसी भी संदिग्ध कॉल,मैसेज,वेबसाइट की तुरंत शिकायत करें। धोखाधड़ी होने पर क्या करें? तुरंत 1930 - राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या http://www.cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करें।
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श्रद्धालु साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें
वैशाली पुलिस ने कहा कि छोटी सी लापरवाही, बड़ा नुकसान कर सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें, दूसरों को भी जागरूक करें। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें। एसपी वैशाली ने अपील की है कि चार धाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालु साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
जनगणना के नाम पर बैंक डिटेल या ओटीपी शेयर ना करें
जनगणना या सरकारी कार्य के नाम पर कोई भी व्यक्ति आपसे बैंक डिटेल, ओटीपी, पीन, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी मांगता है तो यह साइबर फ्रॉड हो सकता है। जनगणना के नाम पर उक्त जानकारी किसी को शेयर ना करें।
अगर आपके साथ धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और खाता ब्लॉक करवाएं, सभी सबूत कॉल मैसेज लेनदेन की जानकारी सुरक्षित रखें। नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
याद रखें - ये जरूरी बातें
जनगणना के लिए कोई भी अधिकारी बैंक डिटेल या ओटीपी नहीं मांगता। किसी भी कॉल, मैसेज या लिंक पर अपनी जानकारी साझा न करें।
किसी अजनबी को फोन पर ओटीपी ,पीन या पासवर्ड न बताएं। सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या सूचना पर भरोसा करें। संदेह होने पर तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
किन तरीकों से करते हैं ठगी?
जनगणना अधिकारी बनकर फोन कॉल करना, व्हाट्सएप पर मैसेज या फर्जी लिंक भेजना, फॉर्म भरने के बहाने व्यक्तिगत जानकारी लेना,फर्जी पहचान पत्र या सरकारी लेटर दिखाना, बैंक डिटेल, ओटीपी पीन, पासवर्ड मांगना।