बगहा में मगरमच्छ के हमले का दर्दनाक अंत, चार दिन बाद नदी में मिला किसान का शव, पैर खाया
पश्चिमी चंपारण के बगहा में मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए किसान केदार बैठा का शव चार दिन बाद भपसा नदी से बरामद हुआ। शव का दाहिना पैर मगरमच्छ खा चुका था, ...और पढ़ें

शव का दाहिना पैर मगरमच्छ खा चुका था। फाइल फोटो
HighLights
बगहा में किसान केदार बैठा पर मगरमच्छ का हमला।
चार दिन बाद भपसा नदी से मिला किसान का शव।
ग्रामीणों ने मगरमच्छों से सुरक्षा के उपाय मांगे।
जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। Bagaha Crocodile Attack: पश्चिमी चंपारण के बगहा में मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए किसान का शव घटना के चार दिन बाद बुधवार को भपसा नदी से बरामद हुआ।
शव घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर गुलहरिया के पास पानी में उतराता मिला। शव का दाहिना पैर मगरमच्छ खा चुका था।
शव मिलने की सूचना मिलते ही स्वजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। नौरंगिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नदी पार करते हमला
मृतक की पहचान नौरंगिया थाना क्षेत्र के बेलहवा मदनपुर पंचायत के भुल टोला सिरिसिया निवासी किसान केदार बैठा के रूप में हुई है। रविवार शाम वह गुलहरिया सरेह स्थित अपने खेत से घर लौट रहे थे।
भपसा नदी पार करने के दौरान अचानक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। किसान के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों के सहारे मगरमच्छ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसान को गहरे पानी में खींच ले गया।
चार दिन चला अभियान
घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम, नौरंगिया थानाध्यक्ष राज रौशन के नेतृत्व में पुलिस और ग्रामीण लगातार किसान की तलाश में जुटे रहे। घटनास्थल और आसपास के नदी क्षेत्र में कई चरणों में सर्च अभियान चलाया गया।
लगातार तीन दिनों तक खोजबीन के बावजूद किसान का कोई सुराग नहीं मिला। इससे स्वजन निराश थे, लेकिन उन्हें शव मिलने की उम्मीद बनी हुई थी।
दो किलोमीटर दूर मिला शव
बुधवार को ग्रामीण एक बार फिर नदी किनारे तलाश कर रहे थे। इसी दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर गुलहरिया के पास नदी में शव उतराता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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शव की स्थिति देखकर स्पष्ट था कि मगरमच्छ ने उसका दाहिना पैर नोचकर खा लिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने उठाई मांग
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी क्षेत्र में मगरमच्छों के बढ़ते खतरे को देखते हुए ठोस सुरक्षा उपाय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नदी किनारे रहने वाले किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ाने और आवश्यक बचाव इंतजाम किए जाने चाहिए।