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    World Milk Day: बेतिया में दूध कारोबार ने बदली महिलाओं की तकदीर, हर 10 दिन में कमाई; जल्द खुलेगा मेगा प्लांट

    Updated: Mon, 01 Jun 2026 02:19 AM (IST)

    पश्चिम चंपारण में दूध उत्पादन से जुड़ी जीविका दीदियां हर 10 दिन में हजारों रुपये कमा रही हैं, जिससे उनकी किस्मत बदल रही है। जल्द ही बेतिया में 1 लाख ल ...और पढ़ें

    जीविका दीदियों के घर में बंधी गायें। फाइल फोटो

    जीविका दीदियों के घर में बंधी गायें। फाइल फोटो

    HighLights

    1. जीविका दीदियां दूध व्यवसाय से हजारों कमा रही हैं।

    2. पश्चिम चंपारण में प्रतिदिन 2.25 लाख लीटर दूध उत्पादन।

    3. बेतिया में 1 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण इकाई जल्द।

    जागरण संवाददाता, बेतिया। World Milk Day: कृषि एवं पुशपालन के क्षेत्र में पश्चिम चंपारण सूबे में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहां की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है। दूध उत्पादन उनका मुख्य कार्य है।

    इसमें महिलाओं की भूमिका भी पुरुषों की तुलना में बेहतर है। जहां तक तिमुल का सवाल है, तो जिले में 415 सक्रिय समितियां हैं, जिसमें 135 समितियों का संचालन केवल महिलाएं ही करती हैं।

    इसमें जीविका दीदियों के द्वारा संचालित 99 समितियां क्रियाशील हैं। इसके अलावा जीविका एवं मदर डेयरी एवं बापू धाम जैसे समितियों में इनकी संख्या देखी जाय, तो कुल मिलाकर 35000 महिलाएं दूध के व्यवसाय से जुड़ी हैं।

    ये महिलाएं किसी न किसी डेयरी संस्था से जुड़ी हुई हैं और प्रतिदिन दूध की बिक्री करती हैं। इसमें पशुपालक जीविका दीदियों की संख्या 23000 है। तिमुल के जिला स्तरीय अधिकारी कपिलदेव यादव की माने, तो दूध उत्पादन में यहां महिलाओं की भूमिका अहम है। जिले में पुरुष पशुपालकों की संख्या 65000 से अधिक है।

    225000 लाख लीटर से अधिक प्रतिदिन होता है दूध उत्पादन

    जिले में वर्तमान में 225000 लीटर से अधिक प्रतिदिन दूध उत्पादन होता है। पशुपालन के व्यावासय में थरूहट क्षेत्र एवं गंडक का दियारा क्षेत्र के लोगों का योगदान भी कम नहीं है। इनका झ़़ुकाव तिमुल एवं अन्य कंपनियों से अपने उत्पादों की मार्केटिंग को लेकर भी दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

    ऐसा इसलिए कि उन्हें प्रत्येक 10 दिन दूध के मूल्य का भुगतान कर दिया जाता है। दूध में वसा के प्रतिशत के हिसाब से 35 से 82 रुपये प्रति लीटर दूध की खरीदारी की जाती है, लेकिन इतना होने के बावजूद करीब 72000 लीटर दूध की बिक्री सहकारी कंपनियों के माध्यम से की जाती है। शेष दूध की बिक्री निजी स्तर पर होती है।

    बेतिया में 1 लाख लीटर क्षमता वाला दूध प्रसंस्करण इकाई

    शीघ्र ही तिमुल की ओर से बेतिया में 1 लाख क्षमता वाला दूध प्रसंस्करण इकाई की शुरुआत होनी है। इसका शिलान्यास किया जा चुका है। पहले चरण में इस यूनिट से दूध के पैकेटिंग के अलावा दही एवं लस्सी का उत्पादन होगा।

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    दूध उत्पादन के क्षेत्र में जीविका दीदियों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है। वर्तमान में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी से जिले में 99 जीविका दीदियां तिमुल से जुड़ी हुई हैं और उनकी संख्या 23000 से अधिक है। -आरके निखिल,जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जीविका , पश्चिम चंपारण