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    पेपरलेस नई रजिस्ट्री व्यवस्था पर लोगों का भरोसा नहीं, बेतिया में पांच दिन में सिर्फ एक दस्तावेज का निबंधन

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 04:39 PM (IST)

    बेतिया अवर निबंधन कार्यालय में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने के पांच दिन बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ पाई है, जिसमें केवल एक नए दस्तावेज का निबंधन ह ...और पढ़ें

    क्रेता को पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री का रसीद सौंपते जिला अवर निबंधन पदाधिकारी। सौ.निबंधन विभाग

    क्रेता को पेपरलेस जमीन रजिस्ट्री का रसीद सौंपते जिला अवर निबंधन पदाधिकारी। सौ.निबंधन विभाग  

    HighLights

    1. बेतिया में पेपरलेस रजिस्ट्री पांच दिन में सिर्फ एक।

    2. नई व्यवस्था के प्रति लोगों में जागरूकता की कमी।

    3. पेपरलेस प्रणाली से स्टांप की मांग में भारी गिरावट।

    जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के पांच दिन बाद भी बेतिया अवर निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री की रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। तीन अगस्त से लागू नई व्यवस्था के बावजूद पांच दिनों में केवल एक नए दस्तावेज का निबंधन हो सका है।

    वहीं, पहले से लंबित दो दस्तावेजों का भी निबंधन किया गया है। नई व्यवस्था को लेकर लोगों की उदासीनता के कारण कार्यालय में पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन दस्तावेज नविस अपने निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंच रहे हैं।

    निबंधन कार्यालय के अधिकारी और कर्मी भी नियमित रूप से उपस्थित रहकर आवेदकों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन क्रेता और विक्रेता नहीं पहुंच रहे हैं।

    पहले जहां प्रतिदिन 100 से अधिक लोगों की भीड़ रहती थी, वहीं अब कार्यालय में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आ रहे हैं। निबंधन से जुड़े जानकारों का मानना है कि नई व्यवस्था के प्रति लोगों में अभी पर्याप्त जागरूकता नहीं है।

    अधिकांश लोग पुरानी प्रक्रिया के अभ्यस्त हैं और नई प्रणाली को समझने में समय ले रहे हैं। यही कारण है कि पेपरलेस निबंधन व्यवस्था अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है।

    स्टांप की मांग भी घटी

    नई व्यवस्था का असर जिला कोषागार में स्टांप की मांग पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां प्रत्येक सप्ताह 2700 से 2800 स्टांप निर्गत होते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर आधी से भी कम रह गई है।

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    स्टांप विक्रेताओं का मानना है कि पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था में स्टांप की आवश्यकता नहीं रहने से इसकी मांग में कमी आई है। हालांकि स्टांप का उपयोग अभी भी एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेजों के निष्पादन में किया जा सकेगा।

    पेपरलेस निबंधन व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समय की बचत करने वाली है। शुरुआती दिनों में किसी भी नई व्यवस्था को अपनाने में लोगों को थोड़ा समय लगता है। लगातार लोगों को नई प्रक्रिया की जानकारी की जा रही है। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ेगी, अधिक से अधिक लोग पेपरलेस प्रणाली के माध्यम से जमीन की रजिस्ट्री कराएंगे।
    गिरिश चंद्र, जिला अवर निबंधन पदाधिकारी, बेतिया