'भरत तिवारी को मिले शहीद का दर्जा', पश्चिमी चंपारण में श्रद्धांजलि सभा के दौरान उठी मांग
भोजपुर के भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया जा रहा है। पश्चि ...और पढ़ें

श्रद्धांजलि सभा शामिल लोग। जागरण
HighLights
भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत पर बढ़ा जन आक्रोश।
बगहा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर न्याय की मांग की गई।
लोगों ने मुठभेड़ को संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया।
संवाद सूत्र, बगहा। भोजपुर जिले के शाहपुर गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत मामले को लेकर आम जनमानस में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
लोगों का कहना है कि भरत तिवारी ने कानून को हाथ में लेकर गरीबों की लड़ाई लड़ी जो कि गलत था, लेकिन पुलिस के द्वारा उसके आत्मसमर्पण के बाद एनकाउंटर कहीं से भी न्यायोचित नहीं था।
यह संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है। इससे लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति असुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा। शनिवार की संध्या पहर उक्त घटना के विरोध में बगहा दो स्थित अनुमंडल मैदान में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
भरत भूषण तिवारी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण कर प्रार्थना की गई। मौके पर उपस्थित शैलेन्द्र कुमार, पिंटू कुमार, आशीष मिश्रा, रमन राज, रवि सिंह, भोला पासवान, अजीत श्रीवास्तव, सुमन सौरभ, आरिफ खान, रवि कुमार समेत अन्य ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस घटना में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उपस्थित युवाओं ने कैंडल जलाकर नमन किया। दूसरी ओर मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए शैलेन्द्र कुमार और पिंटू कुमार ने कहा कि बिहार की धरती ने सदैव अमन और सद्भावना का संदेश दिया है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
इसके बावजूद यदि किसी के साथ इस तरह का बर्ताव किया जाता है तो यह बेहद खेदजनक है। समाजसेवी आशीष मिश्र ने कहा कि आम जनमानस की सुरक्षा और समस्या समाधान के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। सरकार को संज्ञान लेते हुए इस मामले की तह तक जानी चाहिए। उन्होंने सरकार के न्यायिक जांच कराए जाने के निर्णय का स्वागत किया।