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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Air Pollution: बेतिया में जहरीली हुई हवा, 395 तक पहुंच गया था AQI; सुरक्षा इंतजाम पर उठ रहे सवाल, जानें अब क्या है स्थिति

    By Manoj MishraEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Sun, 26 Nov 2023 09:45 AM (IST)

    बेतिया की आबोहवा प्रति दिन खराब होती जा रही है। भले ही आज बेतिया में एक्यूआई 365 पर पहुंच गया है लेकिन शुक्रवार को शहर के हालात बेहद खराब नजर आए थे। ब ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. बेतिया राज कैंपस में खड़ा रहना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
    2. जहरीली हवा में सांस लेकर बीमार पड़ रहे हैं लोग

    जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिमी चंपारण)। शहर की हवा जहरीली हो गई है। इस हवा में सांस लेना काफी खतरनाक है। आज यानी कि रविवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 265 पर पहुंच गया है। हालांकि, इस मामले में स्थिति पहले से थोड़ी बेहतर हुई है। 

    शुक्रवार को सबसे ज्यादा खराब स्थिति बेतिया राज कैंपस की थी। शुक्रवार की दोपहर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 395 और बेतिया राज कैंपस का एक्यूआई 364 दर्ज किया गया। जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बेहद घातक है। जहरीली हवा में सांस लेकर लोग बीमार पड़ रहे हैं।

    बीमार पड़ रहे हैं लोग

    एयर क्वालिटी इंडेक्स नार्मल करने के लिए प्रशासन की ओर से किया जाने वाला कार्रवाई नाकाफी है। मानक से काफी ज्यादा बढ़े एयर क्वालिटी इंडेक्स को नियंत्रित करने के लिए ठोस पहल नहीं हो रही है। नतीजा लोग जहरीली हवा में सांस लेकर बीमार पड़ रहे हैं।

    शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. देवाशीष चटर्जी ने बताया कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एयर क्वालिटी इंडेक्स 150 के आसपास रहना बेहतर है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से ज्यादा होने का मतलब है कि हवा में प्रदूषण है। प्रदूषित हवा में इतने छोटे-छोटे कण होते हैं कि आप इन्हें खुली आंखों से नहीं देख सकते।

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    ये कण आंखों में जलन की समस्या पैदा करते हैं। सांस के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे में खांसी, सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में इन्फेक्शन, नाक, कान और गले में इन्फेक्शन, स्किन से जुड़ी समस्याएं, बालों का झड़ना आदि समस्याएं पैदा करते हैं।

    इसके अलावा जो लोग पहले से सांस के मरीज है, अस्थमा, हार्ट और बीपी के मरीज है, उन्हें इस बीच खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए। इस हवा में सांस लेने पर हृदय रोग, अस्थमा, एलर्जी, सर्दी-खांसी, चर्म रोग की शिकायतें बढ़ जाती है।

    बचाव के उपाय

    • बेहतर क्वालिटी के मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें
    • सुबह की सैर पर जाने से बचें
    • घर से बाहर निकलना हो तो शरीर को अच्छे से कवर करके ही बाहर जाएं
    • बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा पहनें
    • बाहर से वापस आने पर हाथ-मुंह को अच्छे से धोने के बाद अपनी आंखों को ठंडे और साफ पानी से क्लीन करें
    • घर के गमलों में पीपल, मनीप्लांट, तुलसी आदि पौधे लगाएं, ताकि आपके आसपास की हवा शुद्ध रहे
    • शरीर में पानी की कमी न होने दें, दिनभर में भरपूर पानी पीएं
    • योग और एक्सरसाइज घर में रहकर ही करें
    • खाने में हरी सब्जियां और जूस लें, इन्हें बनाने से पहले अच्छे से धोएं
    • बाहरी चीजों को खाने से परहेज करें
    • सांस के मरीज हैं तो घर से बाहर निकलने से बचें

    एक्यूआई को इसकी रीडिंग के आधार पर छह कैटेगरी में बांटा गया है।

    एक्यूआई -- प्रभाव

    0-50 : अच्छा

    51-100 : संतोषजनक

    101-200 : मध्यम

    201-300 : खराब

    301-400 : बेहद खराब

    401-500 : गंभीर

    शुक्रवार की दोपहर शहर का एक्यूआई

    बेतिया -- 295

    चेकपोस्ट -- 277

    कमलनाथनगर -- 227

    राज कैंपस -- 364

    लाल बाजार -- 244

    कालीबाग -- 221

    क्या कहते हैं अधिकारी

    बेतिया के नगर आयुक्त शंभू कुमार ने कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स को मानक के अनुरूप बनाए रखने के लिए प्रयास किया जा रहा है। पानी का छिड़काव कर शहर का सफाई का निर्देश दिया गया है। अन्य एहतियातन कदम भी उठाए जा रहे हैं। 

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