बेतिया और चनपटिया में पेपरलेस निबंधन शुरू, कातिबों के विरोध से पहले दिन रजिस्ट्री ठप
Paperless Land Registry Bihar: बेतिया और चनपटिया में 3 जुलाई से पेपरलेस जमीन निबंधन व्यवस्था लागू हुई, लेकिन दस्तावेज नवीसों के विरोध के कारण पहले दिन ...और पढ़ें

जिला अवर निबंधन कार्यालय में पसरा सन्नाटा । फोटो सौ. जागरण
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Paperless Land Registry Bettiah: शिवहर जिले के बाद अब पश्चिम चंपारण के बेतिया और चनपटिया निबंधन कार्यालय में भी जमीन की पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के निर्देश पर 3 जुलाई से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की गई है। हालांकि, नई व्यवस्था लागू होने के पहले दिन दोनों कार्यालयों में एक भी पेपरलेस रजिस्ट्री दर्ज नहीं हो सकी।
कार्यालयों में पसरा सन्नाटा
नई व्यवस्था को लेकर दस्तावेज नवीसों (कातिबों) और स्टांप विक्रेताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। असंतोष के चलते दस्तावेज नवीसों ने कामकाज पूरी तरह ठप रखा, जिससे रजिस्ट्री दफ्तरों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
हालांकि, पहले से जमा 150 से अधिक पुराने चालान के आधार पर पुरानी प्रक्रिया के तहत पेपरयुक्त निबंधन का कार्य निष्पादित किया गया।
अनुज्ञप्ति के नियम पर विरोध
दस्तावेज नवीसों का विरोध विभाग द्वारा जारी अनुज्ञप्ति की शर्त संख्या-4 को लेकर है। कातिबों का मानना है कि यह नियम उनके पेशेवर हितों के खिलाफ है और इससे उनके रोजगार पर असर पड़ेगा।
इसी के विरोध स्वरूप उन्होंने फिलहाल कामकाज बंद कर दिया है, हालांकि इसे अभी आधिकारिक आंदोलन घोषित नहीं किया गया है।
165 सर्विस प्रोवाइडर तैनात
डिजिटल प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है। जिला निबंधक कार्यालय की ओर से कुल 165 सर्विस प्रोवाइडरों की आईडी जनरेट की जा चुकी है।
इसके तहत बेतिया में 50, शिकारपुर में 36, चनपटिया में 25, बगहा में 30 और लौरिया में 24 लोगों को अधिकृत सेवा प्रदाता के रूप में अनुज्ञप्ति दी गई है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
फिलहाल बेतिया और चनपटिया में पेपरलेस व्यवस्था शुरू की गई है, जबकि लौरिया, शिकारपुर और बगहा निबंधन कार्यालयों में पहले की तरह ही पेपरयुक्त रजिस्ट्री जारी है।
विभाग का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से जिले के सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा।
निबंधन प्रक्रिया होगी पारदर्शी
विभाग का दावा है कि नई व्यवस्था से जमीन निबंधन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी और आम जनता को अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
कातिबों और स्टांप विक्रेताओं के बीच फैले भ्रम को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर बातचीत के प्रयास भी जारी हैं।
बेतिया के जिला अवर निबंधक गिरिशचंद ने बताया कि पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से किसी भी पक्ष को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा। उन्होंने दस्तावेज नवीसों और स्टांप विक्रेताओं से अपील की है कि वे विभाग का सहयोग करें और इस आधुनिक पारदर्शी व्यवस्था को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।