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    बिहार में साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़, पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच तेज

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 10:59 PM (IST)

    बिहार के योगापट्टी में साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े दो एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर से हुई बातचीत और बरामद एटीएम कार्डों क ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर

    सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. योगापट्टी से दो साइबर ठगी एजेंट गिरफ्तार।

    2. पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबर से चैटिंग के साक्ष्य मिले।

    3. पुलिस बैंक खातों, एटीएम कार्डों की जांच कर रही।

    जागरण संवाददाता, बेतिया/योगापट्टी। योगापट्टी से साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े दो एजेंटों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है।

    आरोपितों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में मिले एक पाकिस्तानी वाट्सएप नंबर से हुई बातचीत और साइबर ठगी से संबंधित संदेशों के आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

    साथ ही उन बैंक खातों और एटीएम कार्डों की भी जांच की जा रही है, जिनके माध्यम से ठगी की रकम के लेन-देन की आशंका है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में कितने लोगों के बैंक खाते साइबर गिरोह के इस्तेमाल में लाए गए। साइबर सेल की मदद से मोबाइल फोन के डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों के लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों का मिलान किया जा रहा है।

    यह भी जांच की जा रही है कि आरोपित केवल स्थानीय स्तर पर बैंक खाते और एटीएम उपलब्ध कराते थे या किसी बड़े अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह के संपर्क में थे। हालांकि पुलिस ने अभी तक जांच को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

    योगापट्टी थानाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी।

    क्या है मामला?

    योगापट्टी थाने की पुलिस ने शनिवार को पिपरा नौरंगिया लोहरपट्टी गांव निवासी अफरोज अंसारी और अजय कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। दोनों के पास से चार मोबाइल फोन और 21 एटीएम कार्ड बरामद किए गए थे।

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    मोबाइल की जांच में साइबर ठगी से जुड़े संदेश और एक पाकिस्तानी वाट्सएप नंबर से बातचीत के साक्ष्य मिले। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बैंक खाते खुलवाने, एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने और साइबर ठगों से कमीशन लेने की बात स्वीकार की है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

    गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से बरामद एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किन खातों में पैसे आए और कहां भेजे गए। मोबाइल फोन की चैट भी खंगाली जा रही है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की जाएगी।  -अब्दुल रहमान, डीएसपी (साइबर), बेतिया