पश्चिमी चंपारण में डीजल की कमी से परेशान किसान, यूपी के पंपों पर लगी लंबी कतारें
सीमावर्ती क्षेत्रों में डीजल की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं, जिससे खेती के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, भितहा। सीमावर्ती क्षेत्रों में डीजल और पेट्रोल की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। स्थिति ऐसी हो गई है कि किसान सुबह से ही गैलन और वाहनों के साथ यूपी के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतार में खड़े नजर आ रहे हैं।
गंडक पार के चारों प्रखंडों के अधिकांश गांव सीमांचल क्षेत्र में होने के कारण यहां के किसानों को ईंधन के लिए उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। किसानों का कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की भारी कमी के कारण एक-एक सप्ताह तक पंप बंद रह रहे हैं।
गंडक पार के किसान राजेश राय, अजय कुशवाहा, प्रभुनाथ यादव और रामाधार यादव समेत कई किसानों ने बताया कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में डीजल नहीं मिलने से खेतों की जुताई और सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। यूपी के पेट्रोल पंपों पर डीजल के लिए इतनी भीड़ है कि एक किसान को मात्र 10 से 15 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि धान की खेती के लिए इस समय खेतों की जुताई बेहद जरूरी है, लेकिन डीजल की कमी से कृषि कार्य बाधित हो गया है। वहीं बिजली की लो-वोल्टेज समस्या के कारण मोटर भी सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं, जिससे सिंचाई की परेशानी और बढ़ गई है।
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गंडक पार क्षेत्र में गन्ना और केला किसानों की मुख्य फसल है, जिन्हें अधिक पानी की आवश्यकता होती है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द डीजल संकट दूर नहीं हुआ तो सिंचाई के अभाव में फसलें सूख जाएंगी और किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।