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    पश्चिम चंपारण में मेहरबान हुए बादल, रुक-रुक कर बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:40 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण में सावन की पहली सोमवारी पर हुई रुक-रुक कर बारिश ने उमस से राहत दिलाई और किसानों के चेहरे खिला दिए। यह वर्षा धान की सूखती फसल के लिए संज ...और पढ़ें

    लोगों को उमस से राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। फोटो: जागरण

    लोगों को उमस से राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। फोटो: जागरण

    जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। West Champaran Rain News: सावन की पहली सोमवारी पर पश्चिम चंपारण में मौसम ने करवट ली। सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और दिनभर जिले के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर वर्षा होती रही।

    कहीं झमाझम तो कहीं रिमझिम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे।

    सोमवार सुबह से ही जिले के कई क्षेत्रों में बादलों का डेरा रहा। अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग समय पर बारिश हुई।

    कहीं तेज बारिश दर्ज की गई तो कई स्थानों पर हल्की फुहारों का सिलसिला चलता रहा। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और कई दिनों से बनी उमस से लोगों को राहत मिली।

    बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की खेती कर रहे किसानों को मिला। लगातार बारिश नहीं होने से धान के खेतों का पानी सूखने लगा था और किसान सिंचाई को लेकर चिंतित थे। सोमवार की वर्षा ने खेतों में फिर से नमी लौटा दी, जिससे धान की फसल को संजीवनी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    भसुरारी गांव के किसान झुन्ना तिवारी और बरगजवा के किसान विवेक कुमार सिंह ने बताया कि समय पर हुई वर्षा धान की फसल के लिए काफी लाभदायक साबित होगी।

    उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी नियमित बारिश होती रही तो इस वर्ष धान का उत्पादन बेहतर रहने की पूरी संभावना है।

    सावन की पहली सोमवारी पर शिवालयों में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुहावने मौसम और रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। मौसम में ठंडक आने से जलाभिषेक के लिए पहुंचे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को भी काफी राहत महसूस हुई।