Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पश्चिम चंपारण में 'हर-हर महादेव' की गूंज, सावन की बारिश से किसानों के चेहरे खिले

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 06:44 PM (IST)

    पश्चिम चंपारण में राज शिव मंदिर परिसर और अर्जुन विक्रम शाह स्टेडियम में भव्य श्रावणी मेले का उद्घाटन हुआ, जिसमें विभिन्न झूले और दुकानें आकर्षण का कें ...और पढ़ें

    जलाभिषेक के लिए निकले  भक्त। सौजन्य-ग्रामीण

    जलाभिषेक के लिए निकले भक्त। सौजन्य-ग्रामीण

    HighLights

    1. बगहा/रामनगर में भव्य श्रावणी मेले का हुआ उद्घाटन।

    2. मेले में झूले, खाने-पीने और मनोरंजन की सुविधाएँ उपलब्ध।

    3. सावन की बारिश से धान, गन्ना किसानों को मिला लाभ।

    संवाद सहयोगी, बगहा/रामनगर। प्रत्येक साल की तरह इस बार भी नगर के राज शिव मंदिर परिसर और अर्जुन विक्रम शाह स्टेडियम में भव्य श्रावणी मेले का आयोजन हुआ है। जिसका उद्घाटन बीते शनिवार की शाम को हुआ।

    पूर्व मंत्री स्व. अर्जुन विक्रम शाह के पोते व कवि अपूर्व विक्रम शाह, पूर्व उप मुख्य पार्षद निवेदिता शाह और वरिष्ठ कांग्रेसी व समाजसेवी अभय विक्रम शाह ने संयुक्त रूप से इसका फीता काटकर उद्घाटन किया। जिसके साथ ही यह मेला शुरू हो गया।

    पंडित जीतेन्द्र पांडेय द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। इस दौरान प्रभारी थानाध्यक्ष पंकज कुमार, शिक्षक सदकांत शुक्ला, मो अबुलैश, मुरारी गुप्ता, हीरा सोनी, सन्नी सिंह, एजाज अहमद, मेला के संयोजक प्रदीप पटेल, प्रिंस गुप्ता, गगन देव गुप्ता, उमेश राम समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

    वहीं झूला संचालक रामबाबू गुप्ता भी मौजूद थे। नगर के नीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर सावन में एक माह तक भव्य मेले का आयोजन होता है। जिसमें नगर तेरे साथ दूर दराज के गांव एवं अगल-बगल के प्रखंड के लोग भी पहुंचते हैं।

    इस मेले में खाने-पीने की सामग्री, साज श्रृंगार, बच्चों के खिलौने, पूजन सामग्री की बिक्री होती है वहीं इसके साथ विभिन्न तरह के झूले जिसमें टावर झूला, ब्रेकडांस, टोरा टोरा, ट्रेन झूला, नाव झूला, मिक्की माउस और बच्चों के अनेकों प्रकार के मनोरंजन की व्यवस्था होती है। जिसपर लोगों और खासकर बच्चों, युवक व युवतियों की भीड़ जुटती है। संचालक के जिम्मे हीं साफ सफाई की व्यवस्था रहती है।

    खबरें और भी

    सावन की पहली वर्षा से किसानों में हर्ष

    चौतरवा : सावन के महीना में चौथे दिन झमाझम वर्षा से किसानों में हर्ष है। धान की रोपनी के बाद खेत के पानी सूख जाने से दरार होने लगी थी। जिसे देखकर किसानों की नींद उचट गई थी। शनिवार की रात में झमाझम वर्षा होने के साथ फसलों की हरियाली वापस लौट आई है।

    वहीं गन्ना की फसल के लिए भी यह वर्षा अमृत तुल्य है। गन्ना फसल का सबसे अधिक विकास सावन व भादो के महीना में ही होता है। जब उसे पर्याप्त पानी मिलता है।

    किसान बबलू कुमार मिश्र,मिश्री साह, सुदामा खरवार आदि बताते हैं कि गन्ना फसल की वृद्धि सबसे अधिक सावन व भादो के महीना में ही होती है। इन्हीं दो महीना में फसलों को पर्याप्त पानी मिलता है। साथ ही सब्जी की फसल को भी काफी लाभ मिलता है।