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    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकला बाघ फिर बदला ठिकाना, धनरपा के सरेह में मिले ताजा पग मार्क

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 02:52 PM (IST)

    Bihar Tiger Alert News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकला बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है, जिससे पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड में दहशत फैल गई है। वन ...और पढ़ें

    बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। फोटो: विभाग

    बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। फोटो: विभाग

    HighLights

    1. बाघ लगातार ठिकाना बदल रहा, रामनगर में दहशत।

    2. धनरपा और भावल गांव के पास मिले ताजा पगचिह्न।

    3. वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह।

    संवाद सूत्र, रामनगर (पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (Valmiki Tiger Reserve) से निकला बाघ लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। गुरुवार सुबह पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड अंतर्गत धनरपा और भावल गांव के पश्चिम स्थित मसान नदी के सरेह में उसके ताजा पगचिह्न मिलने से इलाके में दहशत का माहौल है। बाघ की मौजूदगी की पुष्टि के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है।

    बाघ के लगातार स्थान बदलने से किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में काम करने जाने वाले लोग अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।

    वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

    सूचना मिलते ही रघिया वन क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंच गई। वनपाल सूर्यकांत कुमार के नेतृत्व में वनकर्मी मसान नदी के सरेह में मिले पगचिह्न के आधार पर बाघ की लोकेशन ट्रैक करने में जुट गए।

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    रघिया वन क्षेत्र के रेंजर राजेश राम ने बताया कि धनरपा क्षेत्र में बाघ के ताजा पगचिह्न मिलने की पुष्टि हुई है। बाघ लगातार अपना मूवमेंट बदल रहा है, इसलिए निगरानी और सतर्कता दोनों बढ़ा दी गई हैं।

    ग्रामीणों को दी गई सलाह

    वन विभाग ने किसानों और ग्रामीणों से अकेले खेतों में नहीं जाने की अपील की है। साथ ही बच्चों को घर के आसपास ही रखने और मवेशियों को खुले में नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है।

    अधिकारियों ने कहा है कि बाघ के जंगल लौटने तक लगातार निगरानी जारी रहेगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को देने को कहा गया है।

    दूसरे शिकार की आशंका

    वन विभाग के अनुसार बाघ आमतौर पर एक बड़े शिकार के बाद चार से पांच दिनों तक दोबारा शिकार नहीं करता। पिछले सप्ताह बड़ा बेलवा गांव में बाघ ने एक बछड़े का शिकार किया था। उस घटना को अब एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है।

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    ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बाघ अब भोजन की तलाश में फिर किसी मवेशी को निशाना बना सकता है। इसी वजह से विभाग ने ग्रामीणों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी है।

    15 दिन में कई बार बदली लोकेशन

    वन विभाग के अनुसार पिछले 15 दिनों में बाघ कई बार अपना क्षेत्र बदल चुका है। सबसे पहले उसके पगचिह्न धनरपा के मसान नदी सरेह में मिले थे। इसके बाद वह भावल, सबुनी, बरवा बंजरिया और बड़ा बेलवा तक पहुंचा।

    सोमवार को उसके पगचिह्न जंगल की ओर मिलने पर माना गया था कि वह वाल्मीकि टाइगर रिजर्व लौट गया है, लेकिन अगले ही दिन डुमरी क्षेत्र के पास फिर उसकी मौजूदगी दर्ज हुई। अब एक बार फिर धनरपा क्षेत्र में उसके ताजा पगचिह्न मिलने से वन विभाग की निगरानी और तेज कर दी गई है।

    बाघ दिखे तो तुरंत दें सूचना

    वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बाघ दिखाई दे या उसके पगचिह्न मिलें तो उसके पास जाने या उसे घेरने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।