बिहार में यूरिया खरीद के बदले नियम, आधार और लगान रसीद अब अनिवार्य
Bihar Urea New Rules: बिहार में यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत किसानों को अब आधार कार्ड और लगान रसीद जैसे दस्ताव ...और पढ़ें

यूरिया देने से पहले उनके आवश्यक दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य। (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, सिकटा (पश्चिम चंपारण)। Urea Distribution Guidelines: धान की खेती के इस सीजन में यूरिया की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और वास्तविक किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए प्रशासन ने नए और सख्त दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी किए हैं।अब सभी उर्वरक विक्रेताओं को किसानों को यूरिया देने से पहले उनके आवश्यक दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य होगा।
तीन दस्तावेजों के बिना नहीं मिलेगी खाद
प्रशासन द्वारा जारी नए निर्देश के अनुसार, अब किसानों को यूरिया की बोरी खरीदने के लिए दुकान पर तीन प्रमुख दस्तावेज साथ लाने होंगे। इनमें किसान का आधार कार्ड, भूमि की नवीनतम लगान रसीद और किसान सत्यापन पत्र शामिल हैं। खाद विक्रेता इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेंगे और पीओएस (POS) मशीन से सत्यापन के बाद ही यूरिया का वितरण सुनिश्चित करेंगे।
जमीन के हिसाब से तय हुआ कोटा
जमाखोरी रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार जमीन के रकबे (Dismil) के आधार पर यूरिया की मात्रा निर्धारित कर दी है, जो इस प्रकार है:
| किसान की जमीन का रकबा | यूरिया की अधिकतम मात्रा |
| 50 से 200 डिसमिल | 1 बैग (45 किलोग्राम) |
| 201 से 350 डिसमिल | 2 बैग (90 किलोग्राम) |
| 351 से 500 डिसमिल | 3 बैग (135 किलोग्राम - अधिकतम) |
नियमों के मुताबिक सामान्य तौर पर किसी भी किसान को एक बार में दो बैग से अधिक यूरिया नहीं दी जाएगी। हालांकि, बड़े जोत वाले ऐसे किसान जिनकी भूमि और साख के बारे में विक्रेता को व्यक्तिगत रूप से पुख्ता जानकारी हो, उन्हें अधिकतम तीन बैग तक यूरिया दिया जा सकेगा।
अधिक यूरिया न लेने की अपील
कृषि विभाग ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा है कि वर्तमान में समितियों और दुकानदारों के पास उपलब्ध यूरिया मुख्य रूप से 'प्रथम पटवन' के लिए है। दूसरे पटवन के लिए 20 से 25 दिनों के बाद दोबारा पर्याप्त मात्रा में यूरिया की रैक उपलब्ध कराई जाएगी।
इसलिए किसान भाई जरूरत से ज्यादा उर्वरक का स्टॉक न करें। यदि किसी किसान को निर्धारित सीमा से अधिक यूरिया की अत्यंत आवश्यकता है, तो उन्हें इसके लिए सीधे प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करना होगा।
तस्करों और जमाखोरों पर नजर
चूंकि सिकटा का इलाका नेपाल सीमा से सटा हुआ है, इसलिए प्रशासन ने यूरिया की सीमा पार तस्करी और अवैध जमाखोरी पर चौतरफा निगरानी रखने का निर्देश दिया है। सभी खाद दुकानदारों को रोजाना की बिक्री का पूरा रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा और स्टॉक रजिस्टर को अपडेट रखना होगा। नियमों की अनदेखी या लगान रसीद के बिना खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ सीधे लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
खबरें और भी
किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखकर ही यह नई व्यवस्था पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की गई है। इससे कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगेगी, वास्तविक जरूरतमंद किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा और धान की खेती के दौरान खाद की कोई कृत्रिम किल्लत पैदा नहीं हो पाएगी।
काजल राज, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सिकटा