पश्चिम चंपारण में नगर पंचायत की राजनीति गरमाई, विधायक और मुख्य पार्षद के बीच तकरार
West Champaran politics : चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और नगर पंचायत की मुख्य पार्षद रजनी देवी के बीच तकरार बढ़ गई है। विधायक ने विधानसभा में नपं में भ् ...और पढ़ें

आवास पर प्रेस वार्ता करती मुख्य पार्षद रजनी देवी व अन्य। जागरण
HighLights
विधायक ने नपं में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया।
मुख्य पार्षद ने विधायक पर हंगामा करने का आरोप लगाया।
दोनों पक्ष अब आर-पार की लड़ाई के मूड में।
संवाद सूत्र, चनपटिया (पश्चिम चंपारण) । चनपटिया विधायक और नगर पंचायत के पार्षदों में ठन गई है। दोनों पक्ष अब आर-पार के मूड में हैं।
सोमवार को विधायक अभिषेक रंजन ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उन्होंने विधानसभा में नगर पंचायत के भ्रष्टाचार को रखा था जो नपं के बोर्ड के कुछ सदस्यों को चुभ गई।
इस लिए नपं ने सात मार्च को होनेवाली सामान्य बोर्ड की बैठक में विधायक के खिलाफ छवि धूमिल करने का आरोप लगाकर एजेंडा लाया।
हालांकि, बोर्ड की बैठक से एक दिन पहले रात में पत्र जारी कर बैठक को स्थगित भी कर दिया गया। इसको लेकर आपत्ति दर्ज करने के लिए कुछ लोग नपं कार्यालय पहुंचे थे।
उन्होंने कोई उग्रता नहीं की। फिर भी भाजपा के जिलाध्यक्ष ने गलत आरोप लगाकर जांच की मांग की है। विधायक ने कहा कि नपं में भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी आवाज को नहीं दबाया जा सकता।
उधर, नपं की मुख्य पार्षद रजनी देवी ने पार्षदों संग अपने आवास पर प्रेस कान्फ्रेंस कर बताया कि विधायक द्वारा नपं कार्यालय में अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर हंगामा करना अशोभनीय है।
यह चनपटिया की बहू-बेटियों का अपमान है। नगर अध्यक्ष को कुर्सी पर बैठाना या हटाना चनपटिया की जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि विधायक ने हमें विधानसभा तक घसीट कर ले जाने की बात कही है तो मैं भी उन्हें हाईकोर्ट तक घसीट कर ले जाऊंगी।
उन्होंने हमारे बोर्ड के सभी जनप्रतिनिधियों को अंगूठा छाप कहा है जबकि सभी साक्षर हैं। पार्षद अरविंद चौधरी ने कहा कि बिना अध्यक्ष की अनुमति से नपं कार्यालय के सभागार में विधायक ने 90 प्रतिशत से अधिक बाहरी लोगों को घुसाकर शक्ति प्रदर्शन किया। यह गलत कृत्य है।
ज्ञात हो कि विधायक बनाम नगर पंचायत चनपटिया की इस तनातनी की शुरुआत पिछले माह ही हो गई थी। विधायक ने नगर विकास व आवास विभाग के मंत्री एवं प्रभारी सचिव को पत्र लिख चनपटिया नगर पंचायत में हो रही वित्तीय अनियमितताओं और विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।