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    किसानों के चेहरे पर लौटेगी मुस्कान, बेतिया में दोन व त्रिवेणी नहर का काम पूरा होने से दूर होगा सिंचाई संकट

    Updated: Sun, 26 Jul 2026 02:50 PM (IST)

    Bihar Water Resources: पश्चिम चंपारण में दोन और त्रिवेणी नहरों के जीर्णोद्धार पर 33 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं, जिससे उत्तर बिहार के छह जिलों ...और पढ़ें

    मरम्मत कार्य पूरा होते ही नहरों में पानी का प्रवाह तेज हो जाएगा।

    मरम्मत कार्य पूरा होते ही नहरों में पानी का प्रवाह तेज हो जाएगा।

    HighLights

    1. पूर्वी नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार पर 33 करोड़ रुपये खर्च।

    2. दोन और त्रिवेणी नहरों का मरम्मत कार्य रबी से पहले।

    3. उत्तर बिहार के छह लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगा लाभ।

    जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। West Champaran Farmers News: उत्तर बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। वर्षों से सिंचाई के संकट से जूझ रहे छह जिलों के लाखों किसानों का दर्द अब बहुत जल्द दूर होने वाला है।

    किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

    पश्चिम चंपारण जिले से निकलने वाली पूर्वी नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार पर 33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होते ही नहरों में पानी का प्रवाह तेज हो जाएगा।

    रबी फसल में मिलेगा पानी

    खरीफ सीजन में किसानों को क्षमता का केवल 50 प्रतिशत पानी ही मिल पाया था। लेकिन विभाग का दावा है कि रबी सीजन शुरू होने से पहले दोन और त्रिवेणी नहर का काम पूरा कर लिया जाएगा।

    नहरों की बढ़ेगी क्षमता

    वर्तमान में दोन नहर से 6200 क्यूसेक क्षमता के मुकाबले मात्र 850 क्यूसेक पानी ही डिस्चार्ज हो पा रहा है। इसी तरह त्रिवेणी शाखा नहर में भी क्षमता से काफी कम 700 क्यूसेक पानी ही बह रहा है।

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    लाखों हेक्टेयर को फायदा

    इस पुनर्स्थापन कार्य के पूरा होने के बाद नहरें अपनी पूर्ण क्षमता से चलने लगेंगी। इससे अकेले पश्चिम चंपारण जिले की 1.75 लाख हेक्टेयर और उत्तर बिहार की छह लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि संचित होगी।

    कई जिलों को मिलेगा लाभ

    तिरुहत मुख्य नहर के माध्यम से पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, शिवहर, समस्तीपुर और वैशाली जिलों के खेतों तक पानी पहुँचता है। वर्तमान में मरम्मत के कारण यहाँ भी कम क्षमता में पानी दिया जा रहा था।

    विभाग ने कसी कमर

    राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक पुरुषोत्तम त्रिवेदी के अनुसार क्षेत्र में 200 से अधिक सिंचाई योजनाओं का काम पूरा किया जा चुका है। वितरणियों की सफाई होने से अब टेल एंड तक पानी आसानी से पहुंच सकेगा।