यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नरकटियागंज के अधिकारी की कार बेतिया में, उधर पटना में कट गया 5 हजार का ई-चालान, फिर सामने आया बड़ा झोल
Bihar News बिहार में ई-चालान में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। नरकटियागंज के एक अधिकारी की कार पर फर्जी ई-चालान कट गया है। कार पिछले एक महीने से ब ...और पढ़ें

HighLights
- ई-चालान में दिख रहा वाहन का फर्जी नंबर प्लेट
- एमओ ने यातायात अधीक्षक को पत्र भेजकर की शिकायत
संवाद सहयोगी, नरकटियागंज। यातायात पुलिस की ओर से वाहनों से जुर्माना वसूली को लेकर कड़ाई में फर्जीवाड़ा का मामला भी सामने आ रहा है।
नरकटियागंज में पदस्थापित आपूर्ति पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के कार पर फर्जी ई चालान कट गया है। पिछले एक माह से कार बेतिया में है और पांच हजार का चालान पटना में कट गया है।
मोबाइल पर आया है ई-चालान का मैसेज
- इसको लेकर उन्होंने गलत चालान कटने पर यातायात अधीक्षक पटना को पत्र भेज कर इसकी शिकायत की है। एमओ अमरेंद्र कुमार ने बताया है कि उनकी कार 2020 मॉडल है।
- इसका रजिस्ट्रेशन संख्या बीआर 06 सीजे 4783 है। इसमें हाई स्क्यूरिटी का नंबर प्लेट लगा है। गत 16 जनवरी को उनके मोबाइल पर ई-चालान संख्या बीआर 200721250116205950 का एक मैसेज आया।
- इसका अवलोकन करने के बाद ज्ञात हुआ कि मोटर यान अधिनियम 1988 व इसके अधीन बने नियमों को भंग करने के कारण पांच हजार रुपये का ई-चालान काटा गया है।
चालान में दूसरे व्यक्ति की लगी तस्वीर
इससे प्रर्वतन अधिकारी का नाम व पदनाम पियरपुरा एसएचओ अंकित है। ई-चालान में प्रर्दशित गाड़ी का नंबर सामान्य नंबर प्लेट का है, जो स्पष्ट रूप से फर्जी है।
फोटो खींचने का समय रात नौ बजकर 51 मिनट अंकित है। इतना हीं नहीं उक्त ई-चालान में किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगा हुआ है। जबकि उनका चार पहिया वाहन पिछले एक माह के दौरान कभी भी पटना या उसके आस-पास नहीं गया है।
उनका कहना है कि इससे प्रतीत हो रहा है कि उनके गाडी के रजिस्ट्रेशन नंबर का फर्जी नंबर प्लेट बनाकर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत उद्देश्य से उपयोग कर पुलिस व प्रशासन की आंखों में धूल झोंका जा रहा है।
यह किसी अपराधिक प्रवृति के व्यक्ति का काम हो सकता है, जो कि गहन जांच का विषय है। ऐसे में मामले की गंभीरता को समझते हुए अनुरोध किया है कि इसकी जांच कर दोषी पर उचित कार्रवाई की जाए। साथ हीं निर्गत गलत ई-चलान को रद किया जाए।
खबरें और भी
बता दें कि फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलने की घटना आम हो गई। ज्यादातर लोग चालान या तो किस्त बचाने के लिए इस तरह हरकत कर रहे हैं।
हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को झारखंड से भी इस तरह की खबर सामने आई थी। जहां गाड़ी रांची गई नहीं थी, फिर भी वाहन मालिक के घर एक चालान पहुंच गया था।
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