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    दो दिन की खुशी फिर वही बेबसी, नरकटियागंज–मुजफ्फरपुर पैसेंजर ट्रेन बंद होने से यात्री बेहाल

    Updated: Sun, 14 Jun 2026 06:17 PM (IST)

    Narkatiaganj Muzaffarpur Passenger: नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेल खंड पर पिछले महीने शुरू हुई शाम की पैसेंजर ट्रेन सिर्फ दो दिन चलकर बंद हो गई है। इससे हज ...और पढ़ें

    पिछले महीने नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर के लिए शाम 6:45 बजे एक नई सवारी गाड़ी की शुरुआत की थी। फाइल फोटो

    पिछले महीने नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर के लिए शाम 6:45 बजे एक नई सवारी गाड़ी की शुरुआत की थी। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। Bihar Railway News: रेलवे प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत में कितना फासला होता है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर रेल खंड पर देखने को मिला है।

    रेल प्रशासन द्वारा पिछले महीने बड़े जोर-शोर से शुरू की गई शाम की सवारी गाड़ी (पैसेंजर ट्रेन) सिर्फ दो दिन की 'मेहमान' साबित हुई। तीसरे दिन से ही इस ट्रेन का चक्का ऐसा थमा कि आज तक इसका परिचालन बहाल नहीं हो सका है।

    रेलवे की इस बेरुखी के कारण रोड साइड स्टेशनों के हजारों दैनिक यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है।

    दो दिन चली पैसेंजर, फिर लग गया 'ब्रेक'

    जानकारी के अनुसार, रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए पिछले महीने नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर के लिए शाम 6:45 बजे एक नई सवारी गाड़ी की शुरुआत की थी। इस ट्रेन के शुरू होने से स्थानीय लोगों और खासकर नौकरीपेशा व छोटे व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

    लेकिन यह खुशी महज 48 घंटे ही टिक सकी। शुरुआती दो दिनों तक पटरी पर दौड़ने के बाद तीसरे दिन से ही बिना किसी ठोस कारण के इसका संचालन अचानक रोक दिया गया, जो अब तक बंद है।

    रात में सफर करने वालों की बढ़ीं मुश्किलें

    इस महत्वपूर्ण ट्रेन के अचानक बंद हो जाने से इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस रेल खंड पर रात 8:30 बजे के बाद मुजफ्फरपुर की तरफ जाने के लिए कोई भी सवारी गाड़ी उपलब्ध नहीं है।

    ऐसे में शाम के वक्त मुशरवा, साठी, रामेश्वर नगर, चनपटिया, कुमारबाग और बेतिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों की यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई वैकल्पिक साधन नहीं मिल रहा है।

    आंदोलन तक उठी मांग

    ट्रेन सेवा बंद होने के बाद से ही स्थानीय नागरिकों का गुस्सा उबल रहा है। सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न माध्यमों के जरिए इस पैसेंजर ट्रेन को दोबारा शुरू करने की मांग लगातार उठाई जा रही है।

    खबरें और भी

    नरकटियागंज रेल विकास संघर्ष समिति के संयोजक कन्हैया अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम (DRM) को एक पत्र भी भेजा है। पत्र में उन्होंने क्षेत्रीय लोगों की दिक्कतों का हवाला देते हुए ट्रेन को तुरंत पटरी पर लौटाने की मांग की है।

    क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश

    डीआरएम को पत्र भेजे जाने और चौतरफा मांग के बावजूद रेल प्रशासन की ओर से अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल या ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    रेलवे के इस अड़ियल रवैए से क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने एक बार फिर समस्तीपुर डीआरएम से गुहार लगाई है कि राजनीति और फाइलों से इतर आम जनता की तकलीफ को समझा जाए और इस शाम की जीवनरेखा (सवारी गाड़ी) का परिचालन जल्द से जल्द बहाल किया जाए।