नरकटियागंज में नल-जल योजना के भुगतान के लिए 15 हजार रिश्वत लेते पंचायत सचिव गिरफ्तार
Bihar Bribery Case: नल-जल योजना के भुगतान के बदले रिश्वत लेते नरकटियागंज के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को निगरानी विभाग ने 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ ग ...और पढ़ें

निगरानी की गिरफ्त में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद।
HighLights
पंचायत सचिव शंकर प्रसाद 15 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार।
नल-जल योजना भुगतान के बदले मांगी थी घूस।
निगरानी विभाग ने रंगेहाथ पकड़ा, आवास पर छापा।
जागरण संवाददाता, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Panchayat Secretary Arrest: नरकटियागंज की मलदहिया पंचायत में नल-जल योजना के भुगतान के बदले रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी (विजिलेंस) विभाग ने पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई बुधवार सुबह सहयोग शिविर के दौरान की गई, जहां वह 15 हजार रुपये की पहली किस्त ले रहे थे।
भुगतान के बदले घूस
जानकारी के अनुसार, नल-जल योजना के मेंटेनेंस कार्य कराने वाले संवेदक परवेज कौशर से भुगतान जारी करने के एवज में पंचायत सचिव ने 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। आरोप है कि रिश्वत नहीं मिलने पर भुगतान की प्रक्रिया जानबूझकर लंबित रखी जा रही थी।
इससे परेशान होकर संवेदक ने 27 जुलाई को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद विभाग ने कार्रवाई की योजना बनाई।
शिविर में धरपकड़
बुधवार को मलदहिया मदरसा परिसर में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान पंचायत सचिव 15 हजार रुपये की पहली किस्त ले रहे थे। पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से प्रखंड क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
आवास पर छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की एक टीम ने हरदिया चौक स्थित पंचायत सचिव के निजी आवास पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिलेख जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों में अफरातफरी का माहौल देखा गया।
विजिलेंस के डीएसपी कृपाल चंद्र जायसवाल ने बताया कि नल-जल योजना के संवेदक से रिश्वत लेने के दौरान पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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शंकर प्रसाद मूल रूप से बगहा एक प्रखंड के चौतरवा के निवासी हैं और उनका पैतृक गांव पतिलार है। वह नवंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।