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    1 महिला की 2 मौत! फर्स्ट टाइम साल 2021 फिर 2025 में दूसरी बार... बिहार सरकार के रिकॉर्ड ने किया हैरान

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में एक ही महिला के नाम पर दो अलग-अलग तिथियों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पंचायत स ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI जनरेटेड )

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI जनरेटेड )

    HighLights

    1. कार्यालय के रिकॉर्ड मिलान में खुला सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी का मामला।

    2. पंचायत सचिव की शिकायत पर शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज।

    3. पुलिस जांच में दूसरे मृत्यु प्रमाण पत्र के पीछे अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही।

    जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण)। पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में सरकारी अभिलेखों से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही महिला के नाम पर दो अलग-अलग तिथियों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का खुलासा हुआ है।

    कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद पंचायत सचिव ने इसे सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी और धोखाधड़ी मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। अब पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई है।

    रिकॉर्ड जांच में खुला बड़ा खेल

    जासं, नरकटियागंज। प्रखंड क्षेत्र की हरदी टेढ़ा पंचायत में एक ही महिला के नाम पर दो अलग-अलग तिथियों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का मामला सामने आया है। मामला सामने आने के बाद पंचायत प्रशासन और स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। पंचायत सचिव अमरेश कुमार राम की शिकायत पर शिकारपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

    दो शपथ पत्र, दो अलग-अलग मौत की तिथि

    प्राथमिकी के अनुसार, सितवापुर निवासी मिस्टर अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी रूबी खातून की मृत्यु को लेकर दो अलग-अलग शपथ पत्र प्रस्तुत किए। पहले शपथ पत्र में रूबी खातून की मृत्यु 11 सितंबर 2021 दर्शाई गई थी। इसके आधार पर 4 दिसंबर 2021 को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।

    चार साल बाद फिर बन गया नया प्रमाण पत्र

    मामला यहीं नहीं रुका। वर्ष 2025 में फिर एक नया शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें रूबी खातून की मृत्यु तिथि 9 मई 2025 अंकित की गई। इसी आधार पर 24 जुलाई 2025 को उसी महिला के नाम से दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी हो गया। एक ही व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने से सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

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    अभिलेखों की जांच में सामने आई गड़बड़ी

    पंचायत सचिव ने जब कार्यालय के अभिलेखों का मिलान किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि सरकारी रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टि कर दो बार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया है। इसके बाद इसे सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और धोखाधड़ी का मामला मानते हुए संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पंचायत सचिव के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि दोबारा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने में कहीं अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं रही। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।