NEET UG 2026 में यशराज को तीसरे प्रयास में मिली सफलता, सही मार्गदर्शन व नियमित अध्ययन से राह हुई आसान
यशराज कुमार ने तीसरे प्रयास में नीट-यूजी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है, जिससे बेतिया और पश्चिम चंपारण का नाम रोशन हुआ है। उन्होंने अपनी सफलता क ...और पढ़ें

यशराज को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता। जागरण

समय कम है?
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संवाद सहयोगी, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Neet Preparation Tips History: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और इरादे पक्के, तो हर मुश्किल राह आसान हो जाती है।
ऐसा ही कुछ कर दिखाया है पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया नगर के मित्रा चौक निवासी यशराज कुमार ने। उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में शानदार सफलता हासिल की है।
ऑल इंडिया रैंक में चमक
यशराज की इस बड़ी कामयाबी ने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। घोषित परीक्षा परिणामों में यशराज को सामान्य वर्ग में 4,661वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल हुई है।
इसके साथ ही, बेहद प्रतिस्पर्धी ओबीसी (OBC) श्रेणी में उन्हें 1,880वीं रैंक मिली है, जो उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है।
शुरू से रहे मेधावी छात्र
यशराज कुमार बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में काफी मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा संत जेवियर स्कूल और संत माइकल स्कूल से पूरी की है।मेधा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे।
नियमित अध्ययन से मिली राह
अपनी इस शानदार सफलता के मूलमंत्र को साझा करते हुए यशराज ने बताया कि सही मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन ही उनकी जीत की असली कुंजी रही।
असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा और हर दिन एक तय रणनीति के तहत पढ़ाई जारी रखी।
माता-पिता को दिया श्रेय
यशराज ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। उनके परिवार की पृष्ठभूमि भी बेहद सम्मानित है।
यशराज के पिता मनोज कुमार एक स्कूल में प्रधानाध्यापक हैं, उनके दादा हरिनारायण प्रसाद प्रतिष्ठित अधिवक्ता हैं, जबकि माता नेहा देवी कुशल गृहिणी हैं।
जैसे ही यशराज की इस स्वर्णिम सफलता की खबर बेतिया नगर में फैली, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, स्थानीय बुद्धिजीवियों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर यशराज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यशराज अब एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं।