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नेपाल आपदा का खौफनाक मंजर: गंडक नदी में 4 दिन से बहकर आ रहे इंसान और मवेशियों के शव

Published: Sat, 29 Aug 2026 07:02 PM (IST)

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद गंडक नदी में इंसान और मवेशियों के शव बहकर बगहा तक पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और चिंता है।

गंडक नदी के पानी में बहकर आई घरेलू सामग्री की तलाश करते ग्रामीण। (जागरण)

गंडक नदी के पानी में बहकर आई घरेलू सामग्री की तलाश करते ग्रामीण। (जागरण)

HighLights

  1. नेपाल आपदा के बाद गंडक में बह रहे शव।

  2. बगहा तक पहुंचे इंसान और मवेशियों के शव।

  3. प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग, ग्रामीण चिंतित।

संवाद सूत्र, बगहा। नेपाल में लगातार कई दिनों से जारी प्राकृतिक आपदा और भूस्खलन की तबाही का खौफनाक मंजर अब गंडक नदी के रास्ते बगहा तक पहुंच रहा है।

पिछले चार दिनों से गंडक नदी के तेज बहाव में मानव शवों और पशुओं के शवों के बहकर आने की बात सामने आ रही है। नेपाल से बहकर आने वाले शव गंडक बराज तक पहुंच रहे हैं और वहां से नदी की धारा के साथ बगहा दो प्रखंड की विभिन्न पंचायतों तथा नगर क्षेत्र के मंगलपुर, मलकौली और कैलाशनगर होते हुए आगे धनहा की ओर जा रहे हैं। इससे गंडक किनारे बसे लोगों में भय और चिंता का माहौल है।

नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी के बाद नदी में केवल पानी का बहाव ही नहीं बढ़ा है, बल्कि वहां हुई तबाही के निशान भी गंडक के रास्ते बिहार तक पहुंच रहे हैं।

नदी में बहते शव इस आपदा की भयावहता को बयां कर रहे हैं। चार दिनों से लगातार इस तरह के दृश्य सामने आने के बावजूद स्थानीय स्तर पर शवों के संबंध में प्रशासन की ओर से अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से ग्रामीणों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि यदि नदी किनारे कोई मानव शव या पशु का शव पहुंचता है तो उसे किस प्रक्रिया के तहत हटाया जाए और इसकी सूचना किस अधिकारी को दी जाए।

घरेलू सामान के बीच पहुंच रहे शव

नेपाल से गंडक नदी में बहकर बड़ी मात्रा में घरेलू उपयोग की सामग्री भी आ रही है। नदी किनारे बसे लोग पानी में उतरकर लकड़ी समेत अन्य सामान को छानकर अलग कर रहे हैं।

किसी को गैस सिलेंडर मिल रहा है तो किसी को घर में उपयोग होने वाला दूसरा सामान। आपदा के कारण बहकर आए सामान को देखकर एक ओर जहां उन्हें उपयोगी सामग्री मिल रही है, वहीं दूसरी ओर उसी पानी में मानव और पशुओं के शव दिखाई देने की सूचना से भय भी बना हुआ है।

प्रशासन को जानकारी के बाद भी शवों को रोकने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। मंगलपुर, मलकौली और कैलाशनगर क्षेत्र में पिछले चार दिनों से सुबह से लेकर देर रात तक कई लोग नदी के पानी में उतरकर बहकर आ रही सामग्री को छान रहे हैं।

नदी की धारा लकड़ी और घरेलू सामान को लगातार बहाकर ला रही है। लोग उसे पानी से निकालकर नदी किनारे जमा कर रहे हैं।

आपदा की इस भयावह तस्वीर में एक तरफ लोग बहकर आए सामान को तलाश रहे हैं, तो दूसरी तरफ नदी में बहते शव इस पूरी स्थिति को बेहद दर्दनाक बना रहे हैं।

शवों को लेकर स्पष्ट आदेश की जरूरत

स्थानीय निवासी दिग्विजय का कहना है कि गंडक नदी में मानव शवों के बहकर आने की स्थिति को लेकर प्रशासन से तत्काल स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठने लगी है।

उनका कहना है कि प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी शवों को निकालने के लिए प्रयास नहीं कर रहा है। उसे नदी की धारा में आगे बढ़ने के लिए छोड़ दिया जा रहा है।

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