Bihar New: सुस्ता में नेपाल की बढ़ी मौजूदगी, सीमा पर हर गतिविधि पर भारतीय एजेंसियों की नजर
नेपाल ने भारत-नेपाल सीमा से सटे विवादित सुस्ता क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्य तेज कर दिए हैं, जिस पर भारतीय एजेंसियां कड़ी नजर रख रही हैं ...और पढ़ें

नेपाल के सुस्ता में बना पुल। सौजन्य ग्रामीण
HighLights
नेपाल ने सुस्ता में सुरक्षा व विकास कार्य बढ़ाए।
भारतीय क्षेत्र में तटबंध निर्माण से सीमा पर तनाव।
भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
विनोद राव, बगहा (पश्चिम चंपारण)। भारत-नेपाल सीमा से सटे विवादित सुस्ता क्षेत्र में नेपाल ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ विकास कार्य तेज किए हैं। इसके अलावा बीते दो महीने में सामने आई कुछ घटनाओं ने सीमा की सुरक्षा और संवेदनशीलता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विवादित सुस्ता में भारतीय सीमा के भीतर तक बीते रविवार को नेपाली नागरिकों ने नारायणी नदी (गंडक) पर लगभग 100 मीटर लंबा तटबंध बना लिया था। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने हटाने का प्रयास किया तो तनाव उत्पन्न हो गया था।
नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे और बातचीत के बाद काम रुका। जून में इसी स्थान पर लगभग 1.4 करोड़ नेपाली रुपये से बनने वाली स्थायी तटबंध परियोजना को विवादित भूमि का हवाला देते हुए भारत ने रोक दिया था।
इससे पहले 12 जून को सुस्ता की विवादित भूमि पर खेती की कोशिश की गई तो एसएसबी ने रोका था। वहीं, भारतीय क्षेत्र में गन्ने की फसल काटने के दौरान तनाव पैदा हुआ था। सीमा पर गश्त के दौरान भी एसएसबी जवानों का सुस्ता के ग्रामीणों से विवाद हुआ था।
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इतना ही नहीं नेपाल सरकार ने हाल ही में सुस्ता में तैनात एपीएफ के जवानों की संख्या 25 से बढ़ाकर 40 कर दी है। इसके साथ ही नागरिकता और भूमि अधिकार से जुड़ी वर्षों पुरानी मांग पर काम हो रहा है।
सुस्ता के सभी परिवारों का ब्योरा तैयार हो रहा, ताकि पात्र लोगों को नेपाली नागरिकता दी जा सके। सुस्ता में करीब 300 परिवार व 3600 से अधिक लोग रहते हैं। इनमें अधिकांश की जड़ें बिहार व उत्तर प्रदेश से जुड़ी हैं।
इनमें बड़ी संख्या में लोगों के पास नेपाली नागरिकता नहीं है। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में सुस्ता में स्कूल, स्वास्थ्य उपकेंद्र, चार किमी लंबी पक्की सड़क, पुलिस चौकी और करीब 1500 मीटर लंबे झूला पुल का निर्माण नेपाल ने किया है।
यह है विवाद का कारण
ज्ञात हो कि 1816 की सुगौली संधि के अनुसार गंडक नदी को सीमा माना गया था। गंडक के रास्ता बदलने के बाद सीमा को लेकर विवाद शुरू हो गया। सुस्ता का क्षेत्रफल लगभग 40,980 हेक्टेयर है।
इसमें भारतीय करीब 14,500 हेक्टेयर व नेपाली 7,000 हेक्टेयर भूमि पर रहते व खेती करते हैं। शेष करीब 19,480 हेक्टेयर भूमि विवादित है।
- विवादित सुस्ता पर नेपाल की बढ़ी सक्रियता
- बीते रविवार को नेपाली नागरिक भारतीय क्षेत्र में गंडक नदी पर बनाने लगे थे तटबंध, एसएसबी की आपत्ति हुई थी कहासुनी
- इससे पहले विवादित जमीन पर खेती की हुई कोशिश, नेपाल ने एपीएफ जवानों की संख्या 25 से बढ़ाकर 40 की
- वहां के लोगों को नागरिकता व भूमि अधिकार की प्रक्रिया तेज, पक्की सड़क, पुलिस चौकी व स्कूल का कराया निर्माण