नेपाल में बढ़े बाघ, अब वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की बारी, गणना रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
विश्व बाघ दिवस पर नेपाल ने राष्ट्रीय बाघ सर्वेक्षण के नए आंकड़े जारी किए, जिसमें बाघों की संख्या 355 से बढ़कर 429 हो गई है। इससे बिहार के वाल्मीकि टाइ ...और पढ़ें

चितवन निकुंज में विचरण करता बाघ। फाइल फोटो सौजन्य : चितवन निकुंज प्रशासन
HighLights
नेपाल में बाघों की संख्या 355 से बढ़कर 429 हुई।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघ गणना रिपोर्ट का इंतजार।
चितवन राष्ट्रीय निकुंज में भी बाघों की संख्या बढ़ी।
सुनील कुमार गुप्ता, वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण)। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर नेपाल ने राष्ट्रीय बाघ सर्वेक्षण के नए आंकड़े जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 की तुलना में नेपाल में 74 बाघों की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही देश में बाघों की कुल संख्या 355 से बढ़कर 429 हो गई है।
नेपाल के इन उत्साहजनक आंकड़ों के बाद बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में भी बाघों की आधिकारिक संख्या को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हाल ही में वीटीआर में कैमरा ट्रैप के माध्यम से बाघों की गणना पूरी हो चुकी है और वन विभाग अब आधिकारिक रिपोर्ट जारी होने का इंतजार कर रहा है।
नेपाल के कृषि, वन तथा वातावरण मंत्रालय की मंत्री गीता चौधरी की उपस्थिति में राष्ट्रीय निकुंज तथा वन्यजीव संरक्षण विभाग ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट के अनुसार वीटीआर से सटे चितवन राष्ट्रीय निकुंज में वर्ष 2022 में 128 बाघ दर्ज किए गए थे, जबकि नवीनतम सर्वेक्षण में इनकी संख्या बढ़कर 145 हो गई है।
चूंकि चितवन और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का वन क्षेत्र आपस में जुड़ा हुआ है और दोनों के बीच बाघों का प्राकृतिक आवागमन होता है, इसलिए विशेषज्ञों को उम्मीद है कि वीटीआर में भी बाघों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।
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अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी बढ़ी संख्या
नेपाल के अन्य संरक्षित क्षेत्रों में भी बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। परसा राष्ट्रीय निकुंज में बाघों की संख्या 41 से बढ़कर 71 हो गई है। बांके राष्ट्रीय निकुंज में यह आंकड़ा 25 से बढ़कर 51 पहुंच गया है, जबकि शुक्ला फांटा राष्ट्रीय निकुंज में बाघों की संख्या 36 से बढ़कर 50 हो गई है।
हालांकि बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज में स्थिति इसके विपरीत रही। यहां वर्ष 2022 में 125 बाघ थे, लेकिन नवीनतम गणना में यह संख्या घटकर 112 रह गई है। यानी बर्दिया में 13 बाघों की कमी दर्ज की गई है।
राष्ट्रीय निकुंज तथा वन्यजीव संरक्षण विभाग के प्रवक्ता वेद कुमार ढकाल ने कहा कि बाघों की संख्या में वृद्धि संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता है।
हालांकि इसके साथ मानव-बाघ संघर्ष को कम करना, बाघों के प्राकृतिक आवास की गुणवत्ता बनाए रखना और शाकाहारी वन्यजीवों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना नई चुनौती बन गई है। उन्होंने बताया कि विभाग अब शून्य मानव क्षति की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए बाघों के व्यवहार और प्रबंधन के लिए अलग कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
राष्ट्रीय बाघ सर्वेक्षण विभाग के नेतृत्व में वन तथा भू-संरक्षण विभाग, प्रदेश सरकार, नेपाली सेना, राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ नेपाल और जेडएसएल नेपाल के सहयोग से चितवन-परसा, बांके-बर्दिया तथा शुक्लाफांटा-लालझड़ी कॉम्प्लेक्स में तीन महीने तक सर्वेक्षण किया गया।
इसके लिए दो-दो किलोमीटर के ग्रिड बनाकर प्रत्येक ग्रिड में 15 दिनों तक कैमरा ट्रैप लगाए गए। सर्वेक्षण में करीब 250 कर्मियों और लगभग 1100 कैमरा ट्रैप का उपयोग किया गया। नेपाल के इन आंकड़ों के बाद अब वीटीआर की आधिकारिक बाघ गणना रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।