West Champaran News : छोटी उम्र, बड़े सपने और गलत रास्ता, ट्रेन में मिलीं तीन भागी हुई बच्चियां
पूर्वी चंपारण की तीन किशोरियां, जिनकी उम्र 9 से 14 वर्ष है, दिल्ली में कमाने के सपने लेकर घर से नाराज होकर निकलीं। पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज जंक्शन ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पूर्वी चंपारण की तीन किशोरियां दिल्ली कमाने निकलीं।
नरकटियागंज जंक्शन पर ट्रेन से आरपीएफ ने बचाया।
चाइल्डलाइन ने काउंसिलिंग कर सीडब्ल्यूसी को सौंपा।
संवाद सहयोगी, नरकटियागंज । कभी-कभी छोटे-छोटे कदम भी बहुत लंबा सफर तय करने निकल पड़ते हैं। मोतिहारी की तीन किशोरियां भी कुछ ऐसे ही चुपचाप घर से निकलीं—दिल में दिल्ली के सपने लिए। उन्हें लगा, वहां पहुंचकर उनकी दुनिया बदल जाएगी।
लेकिन सफर ने ही उन्हें थाम लिया। पश्चिम चंपारण में ट्रेन के एक डिब्बे में मिलीं ये बच्चियां, जैसे अपने ही फैसले की दहलीज पर खड़ी हों मासूमियत, डर और अधूरे सपनों के साथ। बता दें कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई में ट्रेन से तीन किशोरियों को मुक्त कराया गया है।
तीनों बच्चियां अपने घर से नाराज होकर कमाने के उद्देश्य से दिल्ली जा रही थीं। तीनों किशोरियां पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 9 से 14 वर्ष के बीच है।
आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि सूचना मिली थी कि सप्त क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस में तीन किशोरियां अकेले यात्रा कर रही हैं। एक यात्री को शक होने पर इसकी सूचना विभाग को दी गई थी।
सूचना के आधार पर मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली 12557 एक्सप्रेस के एक बोगी से नरकटियागंज जंक्शन पर तीनों को सुरक्षित उतारा गया। इसके बाद चाइल्डलाइन टीम ने तीनों किशोरियों की काउंसिलिंग की।
किशोरियों ने बताया कि वह कमाने के लिए दिल्ली जा रही थीं। चाइल्डलाइन टीम ने तीनों किशोरियों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए बेतिया भेजा है। कार्रवाई के दौरान चाइल्डलाइन के सुपरवाइजर नितेश कुमार यादव, शीला गुप्ता, चंदन कुमार तथा आरपीएफ के संतोष सिंह मौजूद रहे।