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    बगहा में चलती ट्रेन से फेंकी जा रही थी सागवान की लकड़ी, वन विभाग ने बीच रास्ते में खोल दी पोल

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 06:59 PM (IST)

    बगहा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगलों से सागवान की अवैध तस्करी का प्रयास वन विभाग ने विफल कर दिया। चलती ट्रेन से फेंकी गई चार सागवान की गुल्ली बराम ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    संवाद सहयोगी, बगहा (पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के जंगलों से रेल मार्ग के जरिए सागवान की अवैध तस्करी के प्रयास को वन विभाग ने विफल कर दिया।

    गुप्त सूचना के आधार पर बगहा वन प्रक्षेत्र की टीम ने कैलाश नगर और बगहा डाला के समीप छापेमारी कर चलती ट्रेन से फेंकी गई सागवान की चार गुल्ली बरामद की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    बगहा वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी श्रीमान मालकर ने बताया कि सूचना मिली थी कि वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन से एक सवारी ट्रेन में सागवान की लकड़ियां लोड कर तस्करी की जा रही है।

    सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम स्टेशन पहुंची, लेकिन ट्रेन खुल चुकी थी। इसके बाद वनकर्मी ट्रेन की एक बोगी में सवार होकर निगरानी करने लगे।

    वन विभाग की सक्रियता की भनक लगते ही तस्करों ने कैलाश नगर और बगहा डाला के बीच चलती ट्रेन से सागवान की लकड़ियां नीचे फेंक दीं। वनकर्मियों ने मौके से चार सागवान की गुल्ली बरामद कर ली और पीछा कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रकाश मुखिया, किशोर कुशवाहा और अनिल कुशवाहा के रूप में हुई है। तीनों वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन क्षेत्र, थाना लौकरिया, जिला पश्चिम चंपारण के निवासी हैं।

    वन विभाग ने तीनों के विरुद्ध वन अधिनियम एवं अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि सागवान की लकड़ियां वीटीआर के किस वन क्षेत्र से काटी गई थीं और इस तस्करी गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। वन विभाग पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है।