बेतिया में डांस ग्रुप का डरावना सच, आठ नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा के जाल से बचाया, चार गिरफ्तार
पश्चिम चंपारण में 'नया सवेरा 2.0' अभियान के तहत पुलिस ने आर्केस्ट्रा समूहों से आठ नाबालिग लड़कियों को बचाया है। गौनाहा थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी म ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
आठ नाबालिग लड़कियों को आर्केस्ट्रा समूहों से बचाया गया।
'नया सवेरा 2.0' अभियान के तहत हुई कार्रवाई।
चार आर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया गया।
जागरण संवाददाता, नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण) । बिहार के पश्चिम चंपारण में डांस और संगीत की चमक-दमक के पीछे छुपा एक डरावना सच उजागर हुआ है। नया सवेरा 2.0 अभियान के तहत पुलिस ने आर्केस्ट्रा समूहों में काम कर रही आठ नाबालिग लड़कियों को उनके जाल से बचाया। यह घटना रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही समाज के उन छुपे पहलुओं की भी पड़ताल है, जहां बच्चों का शोषण मनोरंजन के मंचों के पीछे हो रहा था।
नया सवेरा 2.0 अभियान के तहत छापेमारी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) के निर्देशानुसार, बेतिया पुलिस ने गौनाहा थाना क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न आर्केस्ट्रा और बैंड पार्टियों में काम कराई जा रही नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया और चार आर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया गया।
बच्चों की मुक्ति और पुनर्वास
पुलिस द्वारा चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य मानव तस्करी, बाल श्रम, रेड लाइट एरिया और आर्केस्ट्रा समूहों से पीड़ित लड़कियों की मुक्ति, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना सुनिश्चित करना है।
छापेमारी और नाबालिग लड़कियों की रेस्क्यू
गौनाहा थाना क्षेत्र के दोमाठ, जमुनिया, मठ मंझरिया और मेघौली सहित विभिन्न इलाकों से कुल आठ नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया। ये लड़कियां हलचल बैंड और ‘जटाशंकर न्यू भोजपुरिया रॉक सोनाली’ जैसे समूहों में कार्यरत थीं। एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की गई है और लड़कियों की उम्र का सत्यापन किया जा रहा है।
सामाजिक और पुलिस टीम का संयुक्त प्रयास
इस अभियान में पुलिस और विभिन्न सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम ने भाग लिया। टीम में वीरेंद्र कुमार सिंह (मिशन मुक्ति फाउंडेशन), अजय पाण्डेय (रेस्क्यू फाउंडेशन), मनीष कुमार (रेस्क्यू एंड रिलीफ फाउंडेशन), आदित्य कुमार, अरुणेंद्र कुमार सिंह, ग्राम नियोजन केंद्र के कई सदस्य तथा एसएसबी और पुलिस अधिकारी शामिल थे। इस तरह के अभियानों के माध्यम से मानव तस्करी और बाल शोषण पर प्रभावी रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।