जंगल लौटा या खेतों में छिपा है बाघ? नए पगमार्क से बढ़ा पश्चिम चंपारण में सस्पेंस
रामनगर प्रखंड के भावल गांव में बाघ के नए पगमार्क मिलने से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। वन विभाग की 10 सदस्यीय टीम लगातार निगरानी कर रही है और ग्रामीण ...और पढ़ें

बाघ के पगचिह्न भावल गांव के पश्चिम सरेह में मिले।
HighLights
भावल गांव में बाघ के ताजा पगमार्क मिलने से दहशत।
वन विभाग की 10 सदस्यीय टीम कर रही लगातार निगरानी।
ग्रामीणों से खेतों में समूह में जाने की अपील।
संवाद सूत्र, रामनगर ( पश्चिम चंपारण )। रामनगर प्रखंड में बाघ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता कम होने का नाम नहीं ले रही है। धनरपा गांव के पश्चिम सरेह से आगे बढ़ते हुए अब बाघ के पगचिह्न भावल गांव के पश्चिम सरेह में मिले हैं। इसके बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है।
भावल गांव में मिले ताजा पगचिह्न
गुरुवार को वन विभाग की टीम ने भावल गांव के पश्चिम सरेह में बाघ के ताजा पगमार्क मिलने की पुष्टि की। इसके बाद वनकर्मियों ने गन्ना, धान और अन्य फसलों वाले खेतों में सघन ट्रैकिंग अभियान चलाया। पगचिह्नों के आधार पर बाघ की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास जारी है।
किसानों की बढ़ी चिंता
भावल गांव के सरेह में जिन किसानों की खेती है, उनमें डर का माहौल है। खेतों में काम करने को लेकर लोग सतर्क हैं। किसानों का कहना है कि फसलों की देखभाल जरूरी है, लेकिन बाघ की मौजूदगी के कारण खेतों में जाने से पहले कई बार सोचना पड़ रहा है।
10 सदस्यीय टीम कर रही निगरानी
वनपाल सूर्यमणि कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय वनकर्मियों की टीम लगातार इलाके में कैंप कर रही है। टीम ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील कर रही है।
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वन क्षेत्र लौटने की संभावना
रघिया वन क्षेत्र के रेंजर राजेश राम ने बताया कि पगमार्क उत्तर दिशा की ओर मिले हैं, जिससे संभावना है कि बाघ वापस जंगल की ओर लौट गया हो। इसके बावजूद सुबह और शाम नियमित रूप से उसकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। जब तक पूरी तरह स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, निगरानी जारी रहेगी।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खेतों में अकेले न जाएं। समूह में खेतों की ओर जाएं और बच्चों व मवेशियों का विशेष ध्यान रखें। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले धनरपा गांव के पश्चिम मसान नदी के आसपास बाघ देखे जाने की सूचना मिली थी। तभी से वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चला रही है।