दोहरीकरण से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, बेतिया, चनपटिया, कुमारबाग और नरकटियागंज की बदलेगी तस्वीर
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बेतिया रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर मॉडल स्टेशन विकास कार्यों की समीक्षा की। तीन जुलाई को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण के ...और पढ़ें

बेतिया रेलवे स्टेशन को माडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की तैयार, जायजा लेने पहुंचे डीआरएम। जागरण
HighLights
डीआरएम ने बेतिया स्टेशन पर विकास कार्यों का जायजा लिया।
तीन जुलाई को सीआरएस निरीक्षण के लिए तैयारियां तेज की गईं।
मॉडल स्टेशन बनने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
संवाद सूत्र, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। बेतिया रेलवे स्टेशन को माडल स्टेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में रेलवे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को समस्तीपुर मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने स्टेशन का निरीक्षण कर विकास कार्यों की समीक्षा की और सुरक्षा से लेकर यात्री सुविधाओं तक हर पहलू का जायजा लिया।
निरीक्षण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में कार्यों को समय पर पूरा करने की सक्रियता और बढ़ गई है।आगामी तीन जुलाई को प्रस्तावित रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) के निरीक्षण को देखते हुए स्टेशन परिसर और दोहरीकरण परियोजना से जुड़े नान-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं।
डीआरएम सोमवार की सुबह 11:45 बजे विशेष सैलून से बेतिया स्टेशन पहुंचे। इसके बाद वे सांसद डॉ. संजय जायसवाल से मुलाकात करने उनके आवास पर गए। दोपहर करीब एक बजे पुनः स्टेशन पहुंचकर उन्होंने निरीक्षण शुरू किया।
इस दौरान पैनल रूम, रिले रूम, बैटरी रूम तथा अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा जहां भी आवश्यकता हो वहां सुधार कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं, सिग्नल प्रणाली तथा प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सीनियर डिवीजनल सेफ्टी आफिसर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मॉडल स्टेशन बनने के बाद यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा।
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68 कर्मचारियों की टीम दिन-रात एनआई कार्य पूरा करने में जुटी
डीआरएम के निरीक्षण के तुरंत बाद नॉन-इंटरलॉकिंग कार्यों में तेजी आ गई है। टीआई विनोद कुमार ने बताया कि चार अधिकारियों के नेतृत्व में 68 कर्मचारियों की टीम विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ लगातार कार्य कर रही है।
सिग्नल, ट्रैक और तकनीकी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि तीन जुलाई को होने वाला सीआरएस निरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्याम शंकर प्रसाद ने बताया कि सोमवार से प्री-एनआई कार्य शुरू कर दिया गया है, जो एक जुलाई तक चलेगा। इसके बाद मुख्य एनआई कार्य प्रारंभ होगा। प्री-एनआई के दौरान पुराने सिग्नल, डीएस एवं प्वाइंटर सहित आवश्यक तकनीकी ढांचे को हटाकर नई व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
अधिकारियों का दावा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। उधर, स्टेशन भवन के पुनर्निर्माण कार्यों में भी तेजी देखने को मिली। पुराने भवन के हिस्सों को हटाने और परिसर की साफ-सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार निर्माण पूरा होने के बाद बेतिया स्टेशन का स्वरूप आधुनिक एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से युक्त होगा। डीआरएम ने संवेदक को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान एसपीजी पंकज कुमार, स्टेशन प्रबंधक कौशल किशोर सराफ, स्टेशन अधीक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव सहित रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रेलवे प्रशासन का मानना है कि दोहरीकरण परियोजना और मॉडल स्टेशन योजना के पूरा होने से बेतिया रेल यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
- डीआरएम ने पैनल, रिले व बैटरी रूम के साथ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 03 जुलाई के सीआरएस निरीक्षण को लेकर युद्धस्तर पर चल रही तैयारी
- स्टेशन भवन का बदलेगा स्वरूप, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा माडल स्टेशन
- डीआरएम के निरीक्षण से विकास कार्यों को मिली रफ्तार