Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट का रास्ता साफ, 500 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 08:09 PM (IST)

    वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट परियोजना को गति मिली है, टर्मिनल निर्माण के लिए आवश्यक सात एकड़ भूमि का अधिग्रहण जिला प्रशासन ने पूरा कर लिया है। यह परियोजना 500 ...और पढ़ें

    वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट। जागरण अर्काइव

    वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट। जागरण अर्काइव

    जागरण संवाददाता, बेतिया। वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट परियोजना को अब गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। एयरपोर्ट टर्मिनल निर्माण के लिए आवश्यक सात एकड़ भूमि का अधिग्रहण जिला प्रशासन ने पूरा कर लिया है।

    जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि टर्मिनल निर्माण के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध करा दी गई है। इससे परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

    उन्होंने बताया कि सिविल एविएशन विभाग ने परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। एयरपोर्ट निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    टर्मिनल के अलावा पूरे एयरपोर्ट का विकास 303 एकड़ भूमि में किया जाएगा। सिविल एविएशन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवरे के अनुसार, वाल्मीकिनगर के साथ-साथ रक्सौल एयरपोर्ट परियोजना के लिए भी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

    बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी

    वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के निर्माण का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख शहरों के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करना है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना, दरभंगा, गोरखपुर सहित अन्य शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू करने की योजना है।

    शुरुआती चरण में 18 से 40 सीट क्षमता वाले छोटे विमान यहां से परिचालित किए जाएंगे। भविष्य में मांग के अनुसार अन्य शहरों के लिए भी उड़ान सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

    पर्यटन और रोजगार को मिलेगा नया आयाम

    वाल्मीकिनगर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है।

    वर्तमान में हवाई संपर्क नहीं होने से पर्यटकों को आवागमन में कठिनाई होती है। एयरपोर्ट बनने से पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

    साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे पश्चिम चंपारण के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।

    • 500 करोड़ रुपये की परियोजना, टर्मिनल निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने पूरी की भूमि उपलब्धता
    • 303 एकड़ में विकसित होगा एयरपोर्ट, गोरखपुर, पटना और दरभंगा से बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी
    • पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व तक पहुंच होगी आसान