राजगीर-कैमूर से सीधा जुड़ेगा वाल्मीकिनगर: हेलीकॉप्टर से VTR पहुंचेंगे टूरिस्ट, 19 सीटर प्लेन की भी तैयारी
पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व को हेली टूरिज्म और हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। सीएम होम ...और पढ़ें

हेलीकॉप्टर से VTR पहुंचेंगे टूरिस्ट, 19 सीटर प्लेन की भी तैयारी (AI Generated Image)
HighLights
वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व को हेली टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है।
19 सीटर विमान सेवा और हवाई अड्डे का विस्तार जारी।
होम स्टे योजना से थारू संस्कृति और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा।
विनोद राव, बगहा। पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर को हेली (हेलीकॉप्टर) टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है। इससे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) समेत आसपास के पर्यटकीय क्षेत्र को ऊंचाई मिलेगी। सैलानी सड़क-रेलमार्ग के साथ हवाई यात्रा का आनंद ले सकेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर हवाई अड्डे के विस्तार का काम भी तेजी से चल रहा। हेली टूरिज्म में वाल्मीकिनगर को राजगीर और कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर से हेलीकॉप्टर सर्विस से जोड़ा जाएगा। यह सेवा जुलाई, 2026 से 15 जनवरी, 2027 तक संचालित होगी, जिससे पर्यटकों को रियायती दरों पर हवाई यात्रा का लाभ मिलेगा।
19 सीटर उड़ान सेवा की योजना
वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे से 19 सीटों वाले विमान की उड़ान की भी तैयारी चल रही है। प्रशासनिक स्तर पर हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य भी तेजी से जारी है। वर्तमान में एयरपोर्ट के लिए 45 एकड़ जमीन है, सात एकड़ की तलाश भी पूरी हो गई है।
हालांकि, विमान सेवा के संचालन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं हुई है, लेकिन नये पर्यटन सत्र से इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है। चर्चा है कि हेलीकॉप्टर और विमान सेवाएं सप्ताह में दो दिन संचालित होंगी।
सुविधाएं बढ़ीं तो पर्यटक भी पहुंचने लगे
वीटीआर में पर्यटन सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में यहां की छह रेंजों में कुल 56 कमरों में 124 पर्यटकों के ठहरने की सरकारी व्यवस्था है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है।
वर्ष 2021-22 में 92 हजार 264 पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2022-23 में संख्या बढ़कर तीन लाख, 66 हजार 24 हो गई। वर्ष 2023-24 में तीन लाख, 22 हजार 72 और 2024-25 में चार लाख, 80 हजार 680 पर्यटकों ने वीटीआर का भ्रमण किया।
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वर्ष 2025-26 में 30 मई तक ही छह लाख, 20 हजार 159 पर्यटक पहुंच चुके हैं, जिनमें 100 से अधिक विदेशी सैलानी शामिल हैं। इंग्लैंड से लेकर फ्रांस तक के पर्यटक वीटीआर की जैव विविधता का आनंद लेने पहुंच रहे हैं।

होम स्टे से थारू गांवों में पर्यटन और रोजगार का होगा विस्तार
टाइगर रिजर्व के आसपास के गांवों हो होम स्टे से जोड़ने की पहल हुई है। पर्यटकों को होटल से अलग देसी माहौल और थारू संस्कृति से जोड़ा जाएगा। बिहार सरकार की 'सीएम होम स्टे प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत वीटीआर से सटे तरूअनवा, बरवा कलां, संतपुर और दरूआबारी जैसे गांवों में होम स्टे की सुविधा शुरू की जा रही है।
इस योजना के तहत नये होम स्टे खोलने और वर्तमान में चल रहे निजी होम स्टे को सरकारी स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के तहत युवाओं को होम स्टे के लिए अधिकतम 11 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
संतपुर के थारू होम स्टे संचालक संतोष काजी बताते हैं कि पहले पूंजी की कमी के कारण इसका विस्तार नहीं हो पाता था, इस योजना से युवाओं को संबल मिलेगा। सरकारी पहल से न केवल स्थानीय युवाओं और महिलाओं को घर बैठे रोजगार मिलेगा, बल्कि पर्यटकों को थारू जनजाति की पारंपरिक संस्कृति, खान-पान और लोकनृत्य को करीब से देखने-समझने का मौका मिलेगा।
वीटीआर में लगातार विकसित हो रही सुविधाओं के कारण पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। यहां आने वाले सैलानियों को जंगल सफारी के साथ प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता का अनुभव मिल रहा है। अब हवाई सेवा शुरू होने से वाल्मीकिनगर तक पहुंच और आसान होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने के साथ स्थानीय पर्यटन एवं रोजगार को भी नई गति मिलेगी। - सत्यम कुमार, रेंजर, वाल्मीकिनगर
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