Bihar News : कभी धनरपा, कभी बंजरिया, अब लोकेशन सबुनी में... आखिर बाघ जाना कहां चाहता है?
बाल्मीकि टाइगर रिजर्व से निकला एक बाघ पश्चिम चंपारण के रिहायशी इलाकों में घूम रहा है, जिससे किसानों में दहशत है। वन विभाग की टीम लगातार बाघ का लोकेशन ...और पढ़ें

सबुनी सरेह में लोकेशन ट्रैक करते वन कर्मी। सौजन्य विभाग
HighLights
बाघ वीटीआर से निकलकर रिहायशी इलाकों में घूम रहा।
किसानों में दहशत, खेतों में जाने से डर रहे लोग।
वन विभाग की टीम लगातार बाघ का लोकेशन ट्रैक कर रही।
संवाद सूत्र, रामनगर ( पश्चिम चंपारण)। वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (वीटीआर ) से निकलकर एक बाघ बीते कई दिनों से रिहायशी इलाके में घूम रहा है। जिससे किसानों में दहशत है।
हालांकि अब वन कर्मियों की टीम लगातार कैंप कर रही है। पर, उसका लोकेशन भी बदल रहा है। इस बार उसका लोकेशन नगर क्षेत्र के सबुनी सरेह में मिल रहा है।
रविवार को भी वन कर्मी उसके लोकेशन को ट्रैक करने में लगे रहें। हालांकि बारिश के कारण पगमार्क ढूढ़ने में कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले धनरपा गांव से पश्चिम मसान नदी के तरफ इसके पग चिन्ह मिले।
अगले दिन बाघ का लोकेशन भावल गांव से पश्चिम था। फिर, भावल गांव से पूरब रामरेखा नदी के किनारे पग मार्क मिला। फिर बीते शनिवार को यह लोकेशन बंजरिया सरेह में था। पर, रविवार को सबुनी सरेह के तरफ लोकेशन पाया गया है। जिसके आधार पर वन कर्मी उसे ट्रैक कर रहे हैं।
छोटे जंगली जीव का कर लिया होगा शिकार
हालांकि ऐसी भी उम्मीद जताई जा रही है कि अगर बाघ ने किसी नीलगाय या मसान नदी के झाड़ियों में छुपे हिरण या किसी छोटे जंगली जीव का शिकार कर लिया होगा तो, वह चार से पांच दिनों तक किसी गन्ने के खेत में भी छिपा रह सकता है।
उसे चार पांच दिनों के बाद ही शिकार की जरूरत पड़ेगी। गन्ने के खेत में बाघ के होने की खबर से क्षेत्र के किसानों को अपने फसल को लेकर चिंतित हैं। अभी खेती का समय है। इसलिए खेतों में जाना जरूरी है।
खबरें और भी
पर, बाघ की खबर से कोई खेतों की तरफ जाना नहीं चाहता है। रघिया रेंजर राजेश राम ने बताया कि सबुनी सरेह में टीम बाघ का लोकेशन ट्रैक कर रही है।
बारिश के कारण पग चिन्ह मिलने में कठिनाई हो रही है। कई जगह चिन्ह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। खेतों में जल जमाव से भी परेशानी हो रही है।
कर्मी कैंप कर रहे हैं। किसानों से अपील है कि खेतों में अकेले नहीं जाएं। समूह में हीं निकले। माल मवेशी और बच्चों को सरेह में नहीं लेकर जाएं।