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    पश्चिम चंपारण में सिपाही दोस्त की गोली मारकर हत्या में उम्र कैद की सजा, पांच लाख जुर्माना

    By Rajendra Tiwari Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Tue, 28 Apr 2026 05:25 PM (GMT+05:30)

    पश्चिम चंपारण में एक सिपाही को अपने ही दोस्त की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में उम्रकैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह घटना पत्नी ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. सिपाही ने दोस्त की गोली मारकर हत्या की।

    2. पत्नी पर शक के चलते हुई थी वारदात।

    3. अदालत ने उम्रकैद और जुर्माना सुनाया।

    संवाद सहयोगी, जागरण, बेतिया। दोस्ती का रिश्ता, जो भरोसे पर टिका होता है, उसी ने यहां सबसे दर्दनाक मोड़ ले लिया। पश्चिम चंपारण में एक सिपाही ने अपने ही दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी और अब अदालत ने इस विश्वासघात की कीमत उम्र कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने के रूप में तय की है। 

    जिला पुलिस लाइन के सिपाही बैरक में बीते 19 अप्रैल 2025 की रात 10:30 बजे दोस्त को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारने के मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय असिताभ कुमार के न्यायालय ने भोजपुर जिले के पायना थाने के खनेट गांव निवासी सिपाही सर्वजीत कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

    शक आधार पर गोली मारकर हत्या की थी

    न्यायालय ने पांच लाख रुपये जुर्माना देने का भी आदेश दिया है। अपर लोक अभियोजक सैयद अनवार हुसैन ने बताया कि इसने कैमूर जिले के चैनपुर थाने के रघुवीरगंज निवासी सिपाही सोनू कुमार की शक आधार पर गोली मारकर हत्या की थी।

    दोनों का बिहार पुलिस में 2013 में चयन हुआ था। पहली पदस्थापना मोतिहारी पुलिस बल में हुआ था। वहीं पर दोनों में दोस्ती हुई थी। 2022 में दोनों का ट्रांसफर बेतिया हुआ था।

    दोनों दोस्त एक-दूसरे के पारिवारिक आयोजनों में होते थे शामिल

    2023 में सर्वजीत की शादी हुई। दोस्ती के कारण सोनू भी शादी में शामिल हुआ था। दोनों एक-दूसरे के पारिवारिक आयोजनों में आते जाते थे। वर्ष 2025 में सर्वजीत को शक हुआ कि सोनू उसकी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत करता था।

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    इस शक की वजह से उसने अंधाधुंध फायरिंग कर सोनू की हत्या कर दी थी। मामले में मृतक की पत्नी के बयान पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिक दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

    पुलिसिया जांच में मृतक सोनू और सर्वजीत की पत्नी की मोबाइल काल डिटेल निकाला गया था। उसमें दोनों के बातचीत का कोई प्रमाण नहीं मिला था। इस मामले में त्वरित न्याय के लिए स्पीडी ट्रायल के माध्यम से 18 लोगों की गवाही के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया है।