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    मां का हाथ छूटा, जिंदगी भी छूट गई... पश्चिम चंपारण में चार दिन बाद मिला मासूम अंशु

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 05:00 PM (GMT+05:30)

    पश्चिम चंपारण में हरहा नदी की तेज धारा में बहकर लापता हुए 10 वर्षीय अनुज उर्फ अंशु का शव चार दिन बाद मसान नदी से बरामद हुआ। वह मंगलवार को मां के साथ न ...और पढ़ें

    शव मिलने के बाद जुटी भीड़।

    शव मिलने के बाद जुटी भीड़।

    जागरण संवाददाता, बगहा (पश्चिम चंपारण)। हरहा नदी की तेज धारा में बहकर लापता हुए भुअरहवा गांव निवासी रोहित मुंडा के 10 वर्षीय पुत्र अनुज उर्फ अंशु कुमार का शव शुक्रवार की सुबह बरामद कर लिया गया।

    शव चंपापुर और बनबारी के बीच सेमरहनी गांव के समीप मसान नदी में बालू में दबा मिला। घटनास्थल भुअरहवा गांव से करीब 11 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

    सुबह ग्रामीणों की नजर नदी किनारे बालू से बाहर निकले बच्चे के हाथ पर पड़ी। इसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और शव मिलने की सूचना आसपास के क्षेत्रों में फैल गई। स्वजन भी मौके पर पहुंचे और शव की पहचान अनुज उर्फ अंशु के रूप में की। शव मिलने की खबर से स्वजन में कोहराम मच गया।

    सूचना मिलने पर गोबरहिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल गोबर्धना और गोबरहिया थाना क्षेत्र की सीमा पर होने के कारण दोनों थानों की पुलिस वहां पहुंची थी।

    गोबरहिया थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने शव बरामद होने की पुष्टि की। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।

    चार दिनों से तलाश में जुटे थे ग्रामीण

    अनुज मंगलवार को अपनी मां शेषमा देवी के साथ नदी पार कर खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान नदी की तेज धारा में मां से उसका हाथ छूट गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया।

    घटना के बाद से ग्रामीण लगातार उसकी तलाश में जुटे थे। गुरुवार की शाम एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन नदी में पानी कम होने के कारण रेस्क्यू नहीं हो सका। सीओ के अनुसार एसडीआरएफ टीम ने बताया था कि जलस्तर कम होने से नदी में बोट नहीं चलाया जा सकता है।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

    हरहा-मसान नदी में बरसात के दौरान हादसे का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले अवरहिया गांव के समीप मसान नदी पार करने के दौरान एक व्यक्ति तेज धारा में बह गया था। उसका शव दो दिन बाद बरामद हुआ था।

    खबरें और भी

    इसी तरह भलुई नदी में भी बरसात के दिनों में डूबने से एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है। उनका शव भी घटनास्थल से काफी दूर तीन दिन बाद बरामद हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद ग्रामीणों को बरसात में उफनती नदियों को पार कर खेतों तक जाना पड़ रहा है।