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    West Champaran News : 33 साल बाद पंचायतों का परिसीमन, बदलेंगे गांवों के नक्शे और चुनावी समीकरण

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 05:30 PM (IST)

    पंचायती राज विभाग ने 33 साल बाद पंचायतों के परिसीमन की अधिसूचना जारी की है, 2011 की जनगणना पर आधारित यह प्रक्रिया आगामी पंचायत चुनावों और स्थानीय राजन ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है (फोटो-AI)

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है (फोटो-AI)

    HighLights

    1. 33 साल बाद पंचायतों के परिसीमन की अधिसूचना जारी।

    2. 2011 की जनगणना के आधार पर होगा पुनर्गठन।

    3. बदलेंगे स्थानीय राजनीतिक समीकरण और पंचायत चुनाव।

    जागरण संवाददाता, बेतिया। करीब 33 वर्ष बाद पंचायतों के परिसीमन को लेकर पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। बढ़ती आबादी को देखते हुए होने वाले इस परिसीमन से जिले की कई पंचायतों का स्वरूप बदल सकता है।

    वहीं नई पंचायतों के गठन की संभावनाओं ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। चौक-चौराहों से लेकर गांव की चौपालों तक लोग संभावित नई पंचायतों की सीमाओं, नामकरण और चुनावी समीकरणों पर चर्चा कर रहे हैं।

    विभागीय निर्देश के अनुसार परिसीमन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा। जिला पंचायती राज विभाग के अनुसार बढ़ती जनसंख्या और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए अधिक आबादी वाले पंचायतों एवं वार्डों का पुनर्गठन किया जाएगा।

    संभावना है कि नई पंचायतों का नाम सर्वाधिक आबादी वाले गांव के नाम पर रखा जाएगा। इससे कई पंचायतों की पहचान और भौगोलिक स्वरूप में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    नई पंचायतों के गठन की स्थिति में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधियों के लिए नए अवसर भी सृजित होंगे। इसे देखते हुए संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है।

    परिसीमन से बदलेगी पंचायत चुनाव की तस्वीर

    राज्य में ग्राम पंचायत क्षेत्रों का अंतिम परिसीमन लगभग 33 वर्ष पहले किया गया था। वर्ष 2001 और 2011 की जनगणना के आंकड़े उपलब्ध होने के बावजूद विभिन्न कारणों से परिसीमन नहीं हो सका।

    अब प्रस्तावित प्रक्रिया पूरी होने पर पंचायतों की सीमाओं, संरचना और प्रतिनिधित्व में व्यापक बदलाव की संभावना है। साथ ही नए परिसीमन का असर आगामी पंचायत चुनाव, आरक्षण व्यवस्था और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर भी साफ दिखाई देगा।

    जिले के प्रखंडवार एवं पदवार जनप्रतिनिधियों की संख्या

    प्रखंड-पंचायत-जिला परिषद-पंस-मुखिया-सरपंच-वार्ड-पंच

    •  चनपटिया-24-03-31-24-24-313--313
    • नरकटियागंज-27-04-38-27-27-378-378
    • बगहा-एक-24-03-35-24-24-351-315
    • बगहा-दो-25-04-36-25-25-356-356
    • लौरिया-19-03-24-19-19-253-253
    • रामनगर-18-02-24-18-18-242-242
    • सिकटा-16-02-22-16-16-225-225
    • मैनाटांड-16-02-22-16-16-220-220
    • गौनाहा-18-02-25-18-18-245-245
    • योगापट्टी-18-03-27-18-18-251-251
    • नौतन-19-03-25-19-19-245-245
    • बैरिया-17-02-22-17-17-244-244
    • मझौलिया-29-04-38-29-29-377-377
    • ठकराहां-07-01-08-07-07-77-77
    • भितहां-09-01-09-09-09-89-89
    • मधुबनी-10-01-11-10-10-109-109
    • पिपरासी-07-01-07-07-07-60-60

    जिले में कुल पंचायत-303

    • कुल जिला परिषद का पद-41
    • कुल पंचायत समिति का पद-406
    • कुल मुखिया का पद-303
    • कुल सरपंच का पद-303
    • कुल वार्ड सदस्य का पद-4035
    • कुल पंच का पद-4035

    पंचायती राज विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस बार भी वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ही परिसीमन किया जाना है।
    सौरभ आलोक,जिला पंचायत राज पदाधिकारी ,पश्चिम चंपारण

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