मैडम के कपड़े और चलने के तरीके पर मास्टरजी करते कमेंट, पश्चिम चंपारण के बीईओ ने मांगा स्पष्टीकरण
Teacher Misconduct Case: पश्चिम चंपारण के मझौलिया स्थित एक विद्यालय में शिक्षिका ने सहकर्मी शिक्षक पर अमर्यादित व्यवहार और अपमानित करने का आरोप लगाया ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, मझौलिया (पश्चिम चंपारण)। West Champaran School News: पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय रामपुरवा महानवा में एक शिक्षिका से कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) हफीजुर्रहमान ने आरोपी शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शिक्षिका ने लगाए अमर्यादित आरोप
विद्यालय की शिक्षिका शिल्पा कुमारी ने बीईओ को दिए लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह लगातार अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैठने, कपड़े पहनने और चलने के तरीके को लेकर भी उन पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की जाती थी। साथ ही अक्सर डांट-फटकार कर अपमानित किया जाता था।
अपमान के बाद बिगड़ी तबीयत
शिक्षिका के अनुसार 21 मई को भी आरोपी शिक्षक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की गई।
प्रारंभिक जांच में सही पाए गए आरोप
बीईओ हफीजुर्रहमान ने बताया कि शिक्षिका के आवेदन के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। इसी आधार पर संबंधित शिक्षक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
विभागीय कार्रवाई की संभावना
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसमें चेतावनी, वेतन वृद्धि पर रोक, निलंबन अथवा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई शामिल हो सकती है।
कार्यस्थल पर मिले हैं कानूनी अधिकार
कार्यस्थल पर किसी महिला सहकर्मी के पहनावे, बैठने-उठने या चलने के तरीके पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना गंभीर कदाचार और यौन उत्पीड़न की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे मामलों में महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग करने का अधिकार प्राप्त है।
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आंतरिक शिकायत समिति
सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) गठित की जाती है। पीड़िता इस समिति के समक्ष लिखित शिकायत दे सकती है। शिकायत मिलने के बाद निर्धारित समय सीमा में जांच की जाती है।
विभागीय कार्रवाई का भी प्रावधान
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसमें चेतावनी, वेतन वृद्धि रोकना, निलंबन, पदावनति अथवा सेवा से बर्खास्तगी तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
शिकायत होने पर दर्ज हो सकतीं धाराएं
ऐसे मामलों में पीड़िता पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा सकती है। महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने, अभद्र टिप्पणी करने या यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी को जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।