पश्चिम चंपारण में गलत नंबर, गलत चालान... पुलिस की एक भूल ने बेगुनाह को बना दिया 'दोषी'
पश्चिम चंपारण में यातायात पुलिस की एक अक्षर की गलती से एक निर्दोष वाहन मालिक को गलत ई-चालान का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित नौशाद आलम ₹1000 के इस चाल ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
यातायात पुलिस की गलती से गलत ई-चालान जारी।
एक अक्षर की त्रुटि ने निर्दोष को बनाया परेशान।
पीड़ित चालान रद्द कराने को लगा रहा डीटीओ के चक्कर।
संवाद सूत्र, भंगहा (पश्चिम चंपारण)। एक अक्षर की गलती ने पश्चिम चंपारण के एक वाहन मालिक को ऐसी परेशानी में डाल दिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
यातायात पुलिस की ओर से वाहन नंबर दर्ज करने में हुई चूक के कारण दूसरे व्यक्ति के नाम एक हजार रुपये का ई-चालान जारी हो गया। अब पीड़ित चालान निरस्त कराने के लिए लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर है।
गलत नंबर से जारी हुआ ई-चालान
यातायात पुलिस की लापरवाही के कारण एक वाहन मालिक को गलत ई-चालान की परेशानी झेलनी पड़ रही है। वाहन का नंबर दर्ज करने में हुई एक छोटी-सी त्रुटि ने निर्दोष व्यक्ति के नाम एक हजार रुपये का ई-चालान जारी करा दिया। अब पीड़ित इसे निरस्त कराने के लिए डीटीओ कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
लौरिया में हुई नंबर दर्ज करने की गलती
जानकारी के अनुसार, लौरिया में यातायात पुलिस जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान स्प्लेंडर बाइक संख्या बीआर22बीएच7670 की तस्वीर लेकर ई-चालान की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि पोर्टल पर वाहन का नंबर दर्ज करते समय बीआर22बीएच7670 की जगह गलती से बीआर22बीजे7670 दर्ज कर दिया गया। इसी एक अक्षर की त्रुटि ने पूरा मामला उलझा दिया।
दूसरे वाहन मालिक के नाम पहुंचा चालान
गलत नंबर दर्ज होने के कारण इनरवा थाना क्षेत्र के खम्हियां गांव निवासी नौशाद आलम के नाम एक हजार रुपये का ई-चालान जारी हो गया। जबकि जिस बाइक का चालान किया गया, उसका नौशाद आलम से कोई संबंध नहीं है।
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तस्वीर ने खोली पूरी पोल
पीड़ित नौशाद आलम का कहना है कि ई-चालान पर लगी तस्वीर उनकी बाइक की नहीं है। तस्वीर में दिखाई दे रहा वाहन पूरी तरह अलग है। केवल वाहन नंबर दर्ज करने में हुई गलती के कारण उन्हें बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि तकनीकी लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
डीटीओ कार्यालय के चक्कर, फिर भी नहीं मिला समाधान
नौशाद आलम कई बार डीटीओ कार्यालय पहुंचकर ई-चालान निरस्त करने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी स्थिति से अवगत कराया और दस्तावेज भी दिखाए, लेकिन अब तक चालान रद नहीं किया गया है।
इससे उन्हें मानसिक परेशानी के साथ अनावश्यक भागदौड़ भी करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि विभाग इस मामले की जांच कर जल्द से जल्द गलत ई-चालान निरस्त करे, ताकि निर्दोष व्यक्ति को राहत मिल सके।