125 वर्षों से स्वाद और शुद्धता का पर्याय: प्रयागराज के लोकनाथ बाजार से शुरू हुए 'हरी मसाले' की ऐतिहासिक कहानी
प्रयागराज से 1890 में शुरू हुआ हरी मसाले 125 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ भारतीय मसाला उद्योग में शुद्धता और गुणवत्ता का पर्याय बना हुआ है। यह ब्रा ...और पढ़ें
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HighLights
हरी मसाले की शुरुआत प्रयागराज में 1890 में हुई।
125 वर्षों से अधिक की विरासत, शुद्धता और गुणवत्ता का प्रतीक।
पारंपरिक स्वाद और आधुनिक तकनीक का सफल संगम।
ब्रांड टीम, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर प्रयागराज से वर्ष 1890 में शुरू हुआ हरी मसाले आज 125 वर्षों से अधिक की विरासत के साथ भारतीय मसाला उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। हरीसन्स (इंडिया) प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाला यह ब्रांड परंपरागत स्वाद, शुद्धता और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। समय के साथ कंपनी ने आधुनिक तकनीक को अपनाया, लेकिन अपने मूल स्वाद और पारंपरिक मसाला निर्माण की पहचान को बरकरार रखा।
लोकनाथ बाजार से शुरू हुई थी यात्रा
कारोबार की शुरुआत वर्ष 1890 में प्रयागराज के ऐतिहासिक लोकनाथ बाजार से केवल पाँच उत्पादों के साथ हुई थी। उद्देश्य था उपभोक्ताओं तक शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाले मसाले पहुंचाना। गुणवत्ता और ग्राहकों के विश्वास के बल पर यह छोटा कारोबार धीरे-धीरे एक स्थापित ब्रांड बन गया।
हरी मसाले के बारे में और जानकारी के लिए यह वीडियो देखें
संस्थापक ने रखी मजबूत नींव
स्वर्गीय शिव शंकर लाल ने हरी मसाले को केवल एक व्यावसायिक पहचान ही नहीं दी, बल्कि इसे गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बनाया। शुद्ध मसालों के प्रति उनकी सोच और स्वाद की गहरी समझ ने कई ऐसे मसाला मिश्रण तैयार किए, जो आज भी उपभोक्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं। कम्पनी का प्रसिद्ध दमालू मसाला भी उनके द्वारा विकसित किये गये विशेष उत्पादों में शामिल माना जाता है।
नई पीढ़ी के साथ बढ़ा कारोबार
संस्थापक के बाद अगली पीढ़ी ने इस विरासत को आगे बढ़ाया और सांभर मसाला, कचौड़ी मसाला, छोला मसाला सहित कई नए उत्पाद बाजार में उतारे। वर्तमान में कंपनी के निदेशक श्री पंकज आधुनिक उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्पादों और पैकेजिंग में लगातार नवाचार कर रहे हैं।
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इसी क्रम में प्रयागराज के जीरो रोड बस स्टैंड के सामने नया रिटेल आउटलेट शुरू किया गया है, जबकि यूपीसिडा औद्योगिक क्षेत्र, नैनी में आधुनिक स्वचालित उत्पादन संयंत्र स्थापित कर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत किया गया है।
क्या बनाता है हरी मसाले को अलग
कंपनी के अनुसार मसाला निर्माण में पारंपरिक पारिवारिक विधियों और आधुनिक उत्पादन तकनीक का संतुलित उपयोग किया जाता है। चयनित कच्चे मसालों को विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता है ताकि उनकी प्राकृतिक सुगंध, स्वाद और आवश्यक तेल सुरक्षित रहें। कंपनी का दावा है कि उसके उत्पाद कृत्रिम रंग, प्रिजर्वेटिव और मिलावट से मुक्त होते हैं।
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125 वर्षों की विरासत, आज भी कायम
कंपनी का कहना है कि वर्षों के दौरान उसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिनमें ब्रांड की नकल और बौद्धिक संपदा से जुड़े विवाद भी शामिल रहे। इसके बावजूद कई पीढ़ियों की मेहनत और गुणवत्ता के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता ने हरी मसाले को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
इसी विश्वास को कंपनी अपने प्रसिद्ध संदेश में व्यक्त करती है
"नकल हमेशा होती है, पर बराबरी कभी नहीं।"
वहीं, लोग कहते है कि हरी मसाले का "स्वाद जो पीढ़ियों से कायम है" जो उसकी 125 वर्षों की विरासत और उपभोक्ताओं के भरोसे को दर्शाता है।
Note:- यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।