छोटे शहरों से बड़े सपनों तक: अंकिता सरोहा ने कहा- मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 में खूबसूरती नहीं, हौसले और व्यक्तित्व की हुई जीत
मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 का ग्रैंड फिनाले दिल्ली में आयोजित हुआ, जहां धनाश्री जोशी देशमुख ने मुख्य खिताब जीता। यह मंच छोटे शहरों की महिलाओं क ...और पढ़ें

HighLights
धनाश्री जोशी देशमुख बनीं मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026
यह मंच महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व को बढ़ावा देता है
छोटे शहरों की महिलाओं को सपनों को साकार करने का अवसर मिला
ब्रांड टीम, नई दिल्ली। छोटे शहरों की महिलाओं के लिए अक्सर बड़े सपने देखना आसान नहीं होता। लेकिन जब मंच ऐसा हो, जो उम्र, शहर और वैवाहिक जिम्मेदारियों की सीमाओं से आगे बढ़कर महिलाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को पहचान दे, तब कहानियां बदलने लगती हैं। द लीला एम्बिएंस कन्वेंशन होटल, नई दिल्ली में आयोजित मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 के ग्रैंड फिनाले में बॉलीवुड अभिनेत्री नीलम कोठारी सोनी और पेजेंट की संस्थापक एवं निदेशक अंकिता सरोहा ने संयुक्त रूप से विजेताओं को ताज पहनाया। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि यह केवल ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक योगदान को पहचान देने वाला सशक्त मंच है।
इस वर्ष मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 का खिताब धनाश्री जोशी देशमुख ने जीता और उन्हें 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। सिंगापुर की मोनिशा श्रीकांत प्रथम रनर-अप रहीं, जिन्हें 50 हजार रुपये, जबकि मध्य प्रदेश की आयुषी शर्मा द्वितीय रनर-अप रहीं और उन्हें 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार मिला।
वहीं क्लासिक मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 का ताज दुबई की मीरा गढ़िया के सिर सजा, जिन्हें 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। एलेनोर राजेंद्रन (सिंगापुर) प्रथम रनर-अप रहीं और उन्हें 50 हजार रुपये, जबकि केरल की डॉ. एलिस मैथ्यू द्वितीय रनर-अप बनीं और उन्हें 25 हजार रुपये प्रदान किए गए।
मुख्य खिताबों के अलावा 80 से अधिक सब-टाइटल पुरस्कार भी प्रदान किए गए, जिनमें ‘मिसेज टाइमलेस ब्यूटी’, मिसेज गुडनेस एम्बेसडर ‘मिसेज फोटोजेनिक’, ‘मिसेज कंजेनियलिटी’, ‘मिसेज करिश्मेटिक’, मिसेज बेस्ट पर्सनैलिटी, ‘मिसेज टैलेंटेड’, ‘मिसेज रैम्प वॉक’, ‘मिसेज ग्लैमरस’ सहित अनेक श्रेणियां शामिल थीं।
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पेजेंट की संस्थापक एवं निदेशक अंकिता सरोहा का मानना है कि प्रतिभा किसी शहर या महानगर की मोहताज नहीं होती। उनका उद्देश्य ऐसा मंच तैयार करना है, जहां छोटे शहरों, कस्बों और महानगरों से आने वाली हर शादीशुदा महिला को अपनी प्रतिभा दिखाने और सपनों को साकार करने का समान अवसर मिले। उनका कहना है कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि बड़े मंचों तक पहुंच केवल महानगरों की महिलाओं के लिए आसान होती है, जबकि मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन (MIIQ) इसी सोच को बदलने का प्रयास कर रहा है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से आईं सेकेंड रनर-अप आयुषी शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "छोटे शहर में बड़े सपने देखना बहुत मुश्किल होता है। हमें लगता है कि मॉडलिंग सिर्फ दिल्ली या मुंबई वालों के लिए है। लेकिन अंकिता मैम ने हमें ग्रूम किया, हमारा आत्मविश्वास बढ़ाया और आज मैं इसी मंच पर खड़ी हूं। अगर मैं यहां तक पहुंच सकती हूं, तो छोटे शहर की हर लड़की अपने सपने पूरे कर सकती है।"
इसी उद्देश्य के तहत प्रतिभागियों को रैंप वॉक के साथ-साथ आत्मरक्षा, वित्तीय साक्षरता, इमेज मैनेजमेंट, स्किनकेयर, मेडिटेशन, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी गई। इन सत्रों का संचालन देश की जानी-मानी हस्तियों एवं विशेषज्ञों—रिकी वोंग, प्रदीप नेगी, डॉ. सोनल बंसल, राधा राय (MIIQ 2024 विजेता), महक धींगरा (MIIQ 2024 की प्रथम रनर-अप) तथा द इमेज क्राफ्ट की संस्थापक लवलीन कौर—ने किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन की पूर्व विजेताओं एवं प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के निर्णायक मंडल ने किया। निर्णायक (जज) मंडल में शामिल थे।
अंकिता सरोहा – संस्थापक एवं निदेशक, MIIQ
कनुप्रिया मोहन कौशिक – MIIQ 2025 विजेता
डॉ. रितु बिर – क्लासिक MIIQ 2025 विजेता
डॉ. सरिता नाइक – क्लासिक MIIQ 2025 प्रथम रनर-अप
सोनल संजय देसाई – क्लासिक MIIQ 2025 द्वितीय रनर-अप
पल्लवी जाडकर टंडन – MIIQ 2022 विजेता
पारुल शर्मा – क्लासिक MIIQ 2022 विजेता
निर्णायक मंडल (जजों) ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन केवल उनकी बाहरी सुंदरता के आधार पर नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, संचार कौशल, मंच प्रस्तुति, उपलब्धियों और समाज के प्रति योगदान को ध्यान में रखते हुए किया।
ओरेन इंटरनेशनल जनकपुरी ने प्रतियोगिता के ऑफिशियल मेकअप स्पॉन्सर के रूप में प्रतिभागियों को प्रोफेशनल मेकअप और ग्रूमिंग सहयोग प्रदान किया।