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    SRMU में प्रैक्टिकल लर्निंग और रियल-वर्ल्ड एक्सपोजर के तालमेल से छात्रों को दी जा रही ट्रेनिंग, इंडस्ट्री के लिए हो रहे हैं तैयार

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 06:48 PM (IST)

    SRMU लखनऊ छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा और वास्तविक दुनिया के अनुभव के माध्यम से उद्योग के लिए तैयार कर रहा है। यह विश्वविद्यालय मान्यता प्राप्त पाठ्यक ...और पढ़ें

    SRMU लखनऊ में छात्रों को मिल रही है प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

    SRMU लखनऊ में छात्रों को मिल रही है प्रैक्टिकल ट्रेनिंग

    HighLights

    1. SRMU छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा और वास्तविक दुनिया का अनुभव देता है।

    2. उद्योग साझेदारी और सरकारी सहयोग से कौशल विकास पर जोर।

    3. मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड, छात्रों को बेहतर करियर के अवसर।

    ब्रांड डेस्क, नई दिल्ली। उच्च शिक्षा प्राप्त करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। आज छात्रों के लिए सैलरी पैकेज जरूरी है, लेकिन उसके साथ-साथ सही स्किल और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी महत्वपूर्ण है, ताकि बदलते जॉब मार्केट में वो खुद को तैयार कर पाएं। हम देख रहे हैं कि इंडस्ट्री नई-नई ट्र्क्नोलॉजी पर काम कर रही हैं, और पिछले कुछ सालों में काम करने का तरीका भी बदला है। ऐसे में यूनिवर्सिटीज अपने आप को पीछे नहीं रख सकती। वो भी पढ़ाई के तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। क्लासरूम लर्निंग, प्रैक्टिकल लर्निंग और रियल-वर्ल्ड एक्सपोजर के तालमेल से छात्रों को ट्रेनिंग दी जा रही है।  

    क्यों जरूरी है संस्थानों से मान्यता?

    संस्थान की विश्वसनीयता और उसके पाठ्यक्रमों की मान्यता ये दो ऐसे पहलू हैं, जहां छात्रों को उच्च शिक्षा में एडमिशन लेने से पहले ध्यान देना चाहिए। साथ ही, रेगुलेटरी अप्रूवल और एफिलिएशन भी जरूरी है, क्योंकि इसी से छात्रों को देश के तय मानकों और उनकी विशेषता के हिसाब से सही ट्रेनिंग दी जाती है। 

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    यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और प्रोफेसनल काउंसिल द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान छात्रों को ऐसी डिग्री देते हैं, जो लगभग सभी इंडस्ट्री और प्रोफेशन में काम आए, और जिससे जॉब मिले। 

    श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU), लखनऊ (यूपी) ऐसी ही एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी है, जो छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और उनके विषय को सही व उपयोगी बनाए रखने के लिए जानी जाती है। इस तरह के संस्थान उन छात्रों के लिए जरूरी है, जो खास क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं। इस संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों की डिग्री कानून द्वारा मान्य संस्थानों से प्रमाणित है। इनमें शामिल हैं - उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 1 (वर्ष 2012), फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE)। 

    इंडस्ट्रीज में जॉब हासिल करने के लिए प्रोफेशनल एजुकेशन

    करियर काउंसलर के लिए एक मजबूत एकेडमिक आधार की जरूरत होती है, जिसे सख्त टीचिंग और नियमों के पालन से मजबूत किया जाता है। एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने SRMU के डी.फार्मा, बी.फार्मा और एम.फार्मा प्रोग्राम को मंजूरी दी है। इसी सेशन के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने संस्थान के रेगुलेटरी प्रोग्राम को भी स्वीकृति दी है, जो यह दिखाता है कि देश के तय मानक कितना जरूरी है और उसे बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। 

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    संस्थानों से मिलने वाला इस तरह का सर्टिफिकेशन छात्रों में भरोसा देते हैं कि उनका प्रोग्राम इंडस्ट्रीज को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे उन्हें आधुनिक लैब्स, बड़े कॉलेजों और आधुनिक कोर्सेज में दाखिला लेने में मदद मिलेगी।  

    क्लासरूम से आगे बढ़कर लर्निंग 

    आज यूनिवर्सिटीज ने पढ़ाई करने का तरीका बदल दिया है। अब वो खुद को लेक्चर देने तक सीमित नहीं रखना चाहते। इस तरह के संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रोजेक्ट-बेस्ड स्टडी, वर्कशॉप, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, इंटर्नशिप रिसर्च के अवसरों और नई टेक्नोलॉजी के लिए मिलने वाले सहयोग का लगातार फायदा मिल रहा है। 

    आज भारत के कई संस्थान अपने करिकुलम में प्रैक्टिकल लर्निंग को शामिल कर रहे हैं। इससे नए छात्रों को अपनी टीचिंग रिसर्च के साथ-साथ प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल, कम्युनिकेशन स्किल और वास्तविकता समस्याओं को समझने की अपनी क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलती है।

    SRMU अपने छात्रों को एक्सपीरियंशियल एक्सपर्टीज देने में विश्वास करती है। संस्थान में लैब्स, प्रोजेक्ट्स, वर्कशॉप्स, रिटेल विजिट्स, छात्रों के नेतृत्व में की जाने वाली एक्टिविटीज और कई तरह के को-करिकुलर लर्निंग से छात्रों को रियल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस मिलता है। छात्र हैकाथॉन, टेक्नोलॉजी गाला, TEDx, कॉन्फ्रेंसेस जैसे नए इनोवेटिव कार्यक्रमों में भाग लेते हैं, जो उनकी क्रिएटिविटी को बढ़ाते हैं। 

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    न्यू-ऐज-डोमेन की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग

    टेक्नोलॉजी की वजह से आज लगभग हर क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में न्यू-ऐज-डोमेन की समझ रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। यूनिवर्सिटीज इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी कर रही हैं, जिसका फायदा छात्रों को मिल रहा है। टाटा मोटर्स, आईबीएम, आईईईई, एनपीटीईएल और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी से छात्रों को न केवल प्लेसमेंट में भाग लेने का मौका मिल रहा है, बल्कि इंटर्नशिप करने और नई तकनीकों को सीखने का अवसर भी मिल रहा है।  

    जैसे SRMU और L&T EduTech साथ मिलकर छात्रों को नई टेक्नोलॉजी के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी दे रहे हैं। इससे छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, सेमीकंडक्टर डिजाइन, इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग और फिनटेक जैसे क्षेत्रों को अच्छे से समझने का मौका मिल रहा है। साथ ही, इस तरह के सहयोग से संस्थान के शिक्षक तकनीक और व्यापार के नए ट्रेंड के बारे में जान रहे हैं। 

    सरकारी सहयोग के जरिए समावेशी विकास को बढ़ावा देना

    सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं को समझने और उसका विश्लेषण करने में उच्च शिक्षा की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। कंपनियां, अथॉरिटीज और कम्युनिटी की पहल से छात्रों को क्लासरूम के बाहर की दुनिया को समझने का अवसर मिलता है। इसके जरिए छात्र रियल इंटरनेशनल प्रोब्लम को समझते हैं और उसे अपने करिकुलम से जोड़कर अपनी लर्निंग को मजबूत करते हैं। 

    ऐसा ही एक उदाहरण श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) के साथ मिलता है, जहां इस संस्थान ने जीरो पावर्टी अभियान के तहत यूपी सरकार के डिपार्टेमेंट ऑफ प्लानिंग के साथ सहयोग किया है। इसके जरिए छात्रों का कौशल विकास किया जाता है, उन्हें एंटरप्रेन्योरशिप, डॉक्यूमेंटेशन और कंम्युनिटी इंगेजमेंट के बारे में बताया जाता है। इससे छात्र जमीनी स्तर के विकास और सामाजिक प्रभाव से जुड़ी पहल को गहराई से समझते हैं। 

    इस तरह की एक्टिविटीज से छात्र समाज में हो रहे बड़े काम को समझ पाते हैं। साथ ही, यह भी समझते हैं कि शिक्षा समाज और राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

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    सहयोग के जरिए लर्निंग का विस्तार

    अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स रियल एक्सपीरियंस देते हैं। इनके साथ सहयोग से शैक्षणिक विशेषज्ञता आती है। अगर पार्टनरशिप लर्निंग, सस्टेनेबिलिटी, एंटरप्रेन्योरशिप, सोशल रिफॉर्म और इनोवेशन पर फोकस हो, तो छात्रों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। 

    SRMU युनिवर्सिटी का फिक्की फ्लो (FICCI FLO), जूट फॉर लाइफ, आओ सीखें, सोलर एनर्जी और सोशियो-एड सर्विसेज एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ सहयोग रहा है, और उनके साथ मिलकर काम किया है। इसके अलावा, फाउंडेशन फॉर रिसोर्स सर्विसेज एंड डेवलपमेंट ने वर्कशॉप, इंटर्नशिप, रीडिंग प्रोजेक्ट्स, कैपेसिटी बिल्डिंग एक्टिविटीज और कम्युनिटी-वाइड इवेंट्स के लिए रास्ता बनाने में मदद की है।

    ऐसी पार्टनरशिप से छात्रों के नजरिए में बदलाव आता है। उन्हें असल दुनिया की सीख मिलती है, जो उनकी पढ़ाई में कॉम्प्लीमेंट की तरह काम करती है। 

    प्रैक्टिकल लर्निंग से जॉब में कॉन्फिडेंस 

    कॉलेज चुनते समय छात्र जिन मुख्य बातों को नजरअंदाज नहीं करते, उनमें से एक है प्लेसमेंट। हालांकि, प्लेसमेंट ही किसी यूनिवर्सिटी के सही होने का अकेला पैमाना नहीं है, लेकिन इससे यह पता चलता है कि छात्र प्रोफेशनल मौकों के लिए कितने तैयार हैं।

    जो यूनिवर्सिटी रोजगार, रियल-वर्ल्ड एक्सपोजर, इंटर्नशिप, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और बिजनेस के नतीजों पर बड़ा असर डालने वाली सोच पर लगातार निवेश करती हैं, छात्र ऐसे संस्थानों को पसंद करते हैं। 

    श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) इंडस्ट्री पार्टनरशिप, प्रैक्टिकल स्कूलिंग, सर्टिफिकेशन प्रोग्राम और ऑन-साइट सपोर्ट के जरिए प्रोफेशनल दुनिया की तरफ रास्ते खोल रही हैं। छात्रों की संतुष्टि इंस्टीट्यूशनल क्वालिटी के सबसे मजबूत इंडिकेटर में से एक है। SRMU ने सभी सब्जेक्ट में शानदार रिक्रूटमेंट रिजल्ट दिए हैं:

    • 1,200+ जॉब ऑफर 

    • 225+ छात्रों को ₹5 लाख और उससे ज्यादा के पैकेज मिले 

    • हर 3 छात्रों में से 1 को कई जॉब ऑफर मिले 

    • कोर इंजीनियरिंग प्रोग्राम में 100% प्लेसमेंट 

    • कुल प्लेसमेंट रेट 87% 

    • मैनेजमेंट प्रोग्राम में 93% प्लेसमेंट 

    • सबसे ज्यादा पैकेज: ₹17 लाख सालाना 

    • औसत पैकेज: ₹4.51 लाख सालाना

    SRMU के छात्रों को TCS, HCL, कॉग्निजेंट, SAP, अडानी, JBM, टोरेंट पावर, EPAM, कोका-कोला, वीवो और कोफोर्ज जैसे जाने-माने कंपनियों में प्लेसमेंट मिला।

    प्रैक्टिकल लर्निंग से करियर में ग्रोथ 

    यूनिवर्सिटी का अनुभव सिर्फ एकेडमिक चीजों का इस्तेमाल करके नहीं बनता, बल्कि उन्हें ऐसे अवसर पैदा करना चाहिए, जिनसे छात्रों का पेशेवर रूप से विकास हो। लीडरशिप गेम्स, स्टूडेंट एसोसिएशन, कल्चरल इवेंट्स, स्पोर्ट्स, इनोवेशन वर्क और कम्युनिटी इन्वॉल्वमेंट जैसे कार्यक्रम अहम योगदान देते हैं। ऑर्गनाइजेशन और एकेडमिक एक्स्ट्रा करिकुलर स्पोर्ट्स के साथ, SRMU छात्रों को लीडरशिप, नेगोशिएशन और टीमवर्क स्किल्स सिखा रही है और उन्हें अपने फिल्ड को डिस्कवर करने में मदद कर रही है।  

    भरोसे और क्वालिटी की विरासत के साथ छात्र की सफलता 

    जैसे-जैसे बेहतर शिक्षा विकसित हो रही है, छात्र तेजी से ऐसे संस्थान ढूंढ रहे हैं, जो इंस्ट्रक्शनल इलेक्टिव नॉलेज को अलग-अलग एक्सपोजर, बिजनेस एंगेजमेंट, मौकों की जानकारी पाने और बेसिक डेवलपमेंट के साथ जोड़ते हैं।

    श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी समेत यूनिवर्सिटी इस बड़ी एक्टिविटी का हिस्सा हैं, जो एक प्रोफेशनल माहौल देती हैं जिसमें क्लासरूम एजुकेशन, वोकेशनल ट्रेनिंग, बिजनेस पार्टनरशिप और कम्युनिटी एंगेजमेंट का मेल होता है।