टेंडरपाम हॉस्पिटल ने 78 साल के बुजुर्ग को लगाया 25 साल चलने वाला ‘लाइफटाइम’ हार्ट वाल्व
टेंडरपाम हॉस्पिटल ने 78 वर्षीय मरीज पर एक ही सत्र में TAVI और जटिल एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की, जिसमें 25 साल चलने वाला 'एडवर्ड सैपियन अल्ट्रा रेसिल ...और पढ़ें

टेंडरपाम हॉस्पिटल ने 78 वर्षीय मरीज को दिया नया जीवन
HighLights
78 वर्षीय मरीज पर सफल TAVI और जटिल एंजियोप्लास्टी
'एडवर्ड सैपियन अल्ट्रा रेसिलिया' वाल्व की अनुमानित आयु 25 वर्ष
उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की पहली जटिल हृदय प्रक्रिया
ब्रां ड डेस्क, नई दिल्ली। टेंडरपाम हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग ने 78 वर्षीय पुरुष मरीज में एक अत्याधुनिक और जटिल हृदय प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मरीज मधुमेह (डायबिटीज), कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD), BPH, पेसमेकर और गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस (हृदय के मुख्य वाल्व का अत्यधिक संकुचन) से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी सर्जरी का जोखिम बहुत अधिक था।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने एक ही सत्र (सिंगल-सेटिंग) में ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) और जटिल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी सफलतापूर्वक की।
इस प्रक्रिया के दौरान मरीज में विश्व की सबसे उन्नत ट्रांसकैथेटर वाल्व तकनीकों में से एक, “एडवर्ड सैपियन अल्ट्रा रेसिलिया” (Edward Sapien Ultra Resilia) वाल्व प्रत्यारोपित की गई।

इस वाल्व की सबसे बड़ी विशेषता इसका “रेसिलिया टिश्यू” है, जो सामान्य वाल्वों की तुलना में बहुत धीमी गति से खराब होता है। उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, इस वाल्व की अनुमानित आयु लगभग 25 वर्ष तक हो सकती है। इसी कारण इसे सरल शब्दों में “एक वाल्व, पूरी जिंदगी के लिए” कहा जा रहा है।
प्रक्रिया के दौरान की गई कोरोनरी एंजियोग्राफी में हृदय की धमनियों में गंभीर कैल्सीफाइड क्रिटिकल ब्लॉकेज का पता चला जिसे सामान्य एंजियोप्लास्टी से करना कठिन था। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में डॉक्टरों ने ऑर्बिटल एथेरेक्टॉमी (कैल्शियम को विशेष उपकरण से हटाने की तकनीक) और इंट्रावास्कुलर लिथोट्रिप्सी (IVL) का उपयोग करते हुए हृदय की मुख्य धमनी एलएडी (LAD) में दो स्टेंट सफलतापूर्वक लगाए।
प्रक्रिया के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही और उन्हें केवल तीन दिनों के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
एक ही सिटिंग में TAVI और जटिल पीसीआई की यह सफल रणनीति बेहतर उपचार परिणाम देने के साथ-साथ मरीज के लिए कुल जोखिम को कम करने में भी सहायक रही। यह जटिल प्रक्रिया उत्तर प्रदेश में अपनी तरह की पहली प्रक्रियाओं में से एक मानी जा रही है।
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यह उपलब्धि दर्शाती है कि आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की उन्नत तकनीकों की मदद से अब उन बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाले मरीजों को भी नया जीवन दिया जा सकता है, जिनके लिए पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी करना कठिन या जोखिमपूर्ण होता है।
नोट- यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क द्वारा लिखा गया है।