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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    SBI Loan Rates: एसबीआई से लोन लेना हुआ महंगा, बैंक ने ब्याज दरों में किया इजाफा

    Updated: Mon, 15 Jul 2024 04:18 PM (IST)

    अगर आप एसबीआई बैंक से लोन (Loan) लेने का सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। आपको बता दें कि एसबीआई के लोन आज से महंगे हो गए हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ...और पढ़ें

    State Bank Of India ने बढ़ाया MCLR Rate
    State Bank Of India ने बढ़ाया MCLR Rate

    HighLights

    1. SBI ने MCLR की दरों में संशोधन किया
    2. MCLR में 10 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई
    3. MCLR बढ़ जाने से लोन महंगा हो गया

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भारत का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का लोन आज से महंगा हो गया। एसबीआई ने कुछ अवधियों के लिए अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) को बढ़ा दिया है। बैंक की वेबसाइट के अनुसार बैंक ने एमसीएलआर में 10 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस) तक की बढ़ोतरी की है।

    एसबीआई की संशोधित दरें 15 जुलाई 2024 से लागू हो गई हैं। इसका मतलब है कि आज से नई दरें लागू हो गई हैं। एमसीएलआर के बढ़ जाने से पहले सभी प्रकार के लोन जैसे-कार लोन (Car Loan), होम लोन (Home Loan) महंगे हो जाएंगे। यानी एसबीआई के सभी लोन महंगे हो गए हैं।

    क्या है नई दरें

    • एक महीने के एमसीएलआर दर 5 बीपीएस प्वाइंट बढ़कर 8.35 फीसदी हो गया।
    • तीन महीने की एमसीएलआर दर अब 8.40 फीसदी हो गई। इसमें 10 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई।
    • छह महीने की एमसीएलआर दर 8.75 फीसदी हो गई
    • एक साल के लिए एमसीएलआर बेंचमार्क दर 8.85 प्रतिशत हो गया
    • दो साल की अवधि के लिए एमसीएलआर दर 8.95 फीसदी हो गया

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    एमसीएलआर का लोन से क्या है कनेक्शन?

    न्यूनतम लेंडिंग रेट को ही मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) कहा जाता है। बैंक एमसीएलआर दर के नीचे ही लोन देता है। इसका मतलब है कि अगर एमसीएलआर की दरों में वृद्धि होती है तो ईएमआई भी बढ़ जाता है।

    खबरें और भी

    लोनधारक को ईएमआई (EMI) कम होने के लिए लंबा इंतजार करना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने जून में लगातार नौंवी बार रेपो रेट (Repo Rate) को स्थिर रखने का फैसला लिया था। ऐसे में आम जनता को आगामी एमपीसी बैठक (RBI MPC Meet) में दरों में कटौती की उम्मीद है।

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