सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PSB Share: एक साल के उच्चतम स्तर पर सरकारी बैंकों के शेयर, जानिए किसमें मिल रहा सबसे अच्छा मुनाफा

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Tue, 08 Nov 2022 05:14 PM (IST)

    कुछ हफ्ते पहले तक कमजोर कारोबार करने वाले बैंकिंग शेयर अब तेजी से मजबूत हो रहे हैं। दूसरी तिमाही के नतीजे बेहतर रहने के बाद इन शेयरों में अच्छा कारोबा ...और पढ़ें

    5 Public Sector Banks share hit new 52 week high
    5 Public Sector Banks share hit new 52 week high

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सार्वजनिक क्षेत्र के 5 बैंकों ने 52-सप्ताह के नए उच्च स्तर को छूकर बेंचमार्क से भी बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी तिमाही में अपनी कमाई से सुर्खियों में आए सरकारी बैंकों के शेयरों में हाल के दिनों में अच्छा उछाल देखने को मिला है। कल दलाल स्ट्रीट पर ये 5 शेयर 4-10% की तेजी के साथ बंद हुए।

    सोमवार को लगातार दूसरे दिन सेंसेक्स और निफ्टी 50 के साथ क्रमश: 61,100 और 18,200 अंक को पार किया। बैंकिंग शेयरों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बेहतर प्रदर्शन के साथ रैली का नेतृत्व किया। सार्वजनिक क्षेत्र के ये पांच बैंक हैं- इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया।

    इंडियन बैंक

    इंडियन बैंक के शेयर सोमवार को BSE पर 4.17% बढ़कर 259.85 रुपये पर बंद हुए। दिन में स्टॉक ने 269 रुपये के नए 52 सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ। इसका मार्केट कैप करीब 32,362.79 करोड़ रुपये है। एक साल में दलाल स्ट्रीट पर इंडियन बैंक के शेयर 47 फीसद से अधिक चढ़े हैं।

    दूसरी तिमाही के दौरान इंडियन बैंक के शुद्ध लाभ में सालाना 12% की वृद्धि के साथ 1,225 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। शुद्ध ब्याज आय (NII) साल-दर-साल 15% बढ़कर 4,684 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2023 की दूसरी तिमाही में सकल एनपीए 226 आधार अंकों की गिरावट के साथ 7.39% और शुद्ध एनपीए 176 आधार अंकों की गिरावट के साथ 1.5% वर्ष-दर-वर्ष हो गया।

    खबरें और भी

    बैंक ऑफ बड़ौदा

    बीओबी बीएसई पर 9.55% की वृद्धि के साथ 158.35 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले सोमवार को शेयरों ने 161.75 के नए स्तर को छुआ था। इसका मार्केट कैप करीब 81,888.52 करोड़ है। एक साल में डी-स्ट्रीट पर BoB के शेयरों में लगभग 50% की वृद्धि हुई है।

    FY23 की दूसरी तिमाही में, बैंक ने सालाना 58.70% की वृद्धि के साथ रुपये 3,312.42 करोड़ का एक स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ दर्ज किया। बैंक का NII 34.47% yoy बढ़कर ₹10,174.46 करोड़ हो गया।

    यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

    मुंबई स्थित पीएसबी 6.07% बढ़कर बीएसई पर 58.55 रुपये पर बंद हुआ। स्टॉक ने सोमवार को 59.10 रुपये के नए 52-सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ था। इसका मार्केट कैप लगभग 40,017.45 करोड़ रुपये है। एक साल में यूनियन बैंक के शेयरों में करीब 9 फीसदी का उछाल आया है।

    यूनियन बैंक ने पिछले महीने दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए। Q2FY23 के दौरान, बैंक ने वर्ष-दर-वर्ष 21.07% की वृद्धि के साथ 1,848 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जबकि शुद्ध ब्याज आय (NII) वर्ष-दर-वर्ष 8,305 करोड़ रुपये रही।

    केनरा बैंक

    सोमवार को केनरा बैंक के शेयर बीएसई पर 4.23% बढ़कर 309.45 रुपये पर बंद हुए। बैंक ने इससे पहले दिन में 52-सप्ताह के उच्च स्तर 311.80 को छुआ था। इसका मार्केट कैप करीब 56,138.26 करोड़ है। एक साल में शेयरों में करीब 27 फीसदी का उछाल आया है। सोमवार को सरकार ने टीसीएस के पूर्व उपाध्यक्ष विजय श्रीरंगन को बैंक के बोर्ड में अंशकालिक गैर-आधिकारिक निदेशक के साथ-साथ गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया।

    Q2FY23 के दौरान केनरा बैंक ने शुद्ध लाभ में 89% की वृद्धि के साथ 2,525 करोड़ की वृद्धि दर्ज की। बैंक का ग्रॉस एनपीए Q2FY23 में बढ़कर 6.37 फीसद हो गया, जबकि Q2FY22 में 8.42 फीसद था।

    बैंक ऑफ इंडिया

    बीओआई के शेयर बीएसई पर 5.45 फीसद बढ़कर 70.60 रुपये पर बंद हुए। इसका मार्केट कैप लगभग 28,971.18 करोड़ रुपये है। एक साल में डी-स्ट्रीट पर बीओआई के शेयरों में करीब 12 फीसदी का उछाल आया है। पिछले हफ्ते बैंक ऑफ इंडिया ने घोषणा की कि बोर्ड ने बेसल III के अनुरूप अतिरिक्त टियर- I (AT-I) बांड जारी करके पूंजी जुटाने को मंजूरी दे दी है।

    बैंक ने पिछले सप्ताह दूसरी तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन की भी घोषणा की है। Q2FY23 में बैंक ने सालाना 8.65% की गिरावट के साथ 960 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

    (यह जानकारी प्राप्त सूचनाओं पर आधारित है। निवेश करते समय अपने विवेक का इस्तेमाल करें।)

    ये भी पढ़ें-

    IOC, BPCL, HPCL: सरकारी सब्सिडी के बाद भी घाटे में तेल कंपनियां, ये है नुकसान की वजह

    नोटबंदी के छह साल: 500 और 1000 की बात छोड़िए... कभी चलन में थे 10,000 रुपये के नोट