सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    8th Pay Commission: 'पुरानी पेंशन योजना, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल और मिले ज्यादा छुट्टियां', क्या हो पाएगा ऐसा? इन्होंने उठाई मांग

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:49 AM (IST)

    केंद्रीय सरकारी स्कूल शिक्षकों के संगठन AINPSEF ने 8वें वेतन आयोग से मुलाकात कर पुरानी पेंशन योजना, वेतन वृद्धि, पदोन्नति और अन्य सेवा शर्तों में सुधा ...और पढ़ें

    शिक्षकों ने उठाई मांग (AI फोटो)

    शिक्षकों ने उठाई मांग (AI फोटो)

    HighLights

    1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग

    2. रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करने का प्रस्ताव

    3. सभी शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल सुविधा मिले

    नई दिल्ली। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी स्कूल शिक्षकों के संगठन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 8वें वेतन आयोग के साथ हुई बैठक में कई मांगें रखीं। इन मांगों में छुट्टी, प्रमोशन, रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले बेनेफिट, हेल्थकेयर और पेंशन के नियमों में बदलाव की बात शामिल है।
    AINPSEF के नेशनल प्रेसिडेंट मंजीत सिंह पटेल, जो मीटिंग में मौजूद थे, के अनुसार केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिल्ली MCD और NDMC स्कूलों, दिल्ली सरकार के स्कूलों (जिनमें एडेड स्कूल भी शामिल हैं), और चंडीगढ़ व अंडमान-निकोबार द्वीप समूह जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय सरकार के स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें रखीं।

    क्या था बैठक का मकसद?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पटेल ने कहा कि इस मीटिंग का मकसद सभी केंद्रीय सरकारी शिक्षकों के लिए समान वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य शर्तों की मांग उठाना था। उन्होंने कहा कि “'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' तभी सच हो पाएगा जब केंद्र सरकार के शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं में एकरूपता होगी। सभी शिक्षकों के लिए वेतन और अन्य सुविधाएं एक जैसी होनी चाहिए, चाहे वे दिल्ली, बिहार या अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हों। भारत के अलग-अलग शहरों में खर्च लगभग एक जैसा ही होता है, इसलिए सभी शिक्षकों के लिए पे-स्केल और अन्य भत्ते भी एक समान होने चाहिए।"

    इन चीजों पर था फोकस

    टीचर्स एसोसिएशन की मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करना, रिटायरमेंट की उम्र 65 साल करना, अधिक छुट्टियां और प्रमोशन का कोटा बढ़ाना शामिल है। स्कूल शिक्षकों के संगठन ने भी पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग की है।
    1 जनवरी 2004 या उसके बाद नौकरी शुरू करने वाले केंद्र सरकार के कई अन्य कर्मचारियों की तरह, शिक्षकों को भी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में शामिल किया गया था। अब उन्हें यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में शामिल होने का विकल्प भी मिल रहा है।

    प्रमोशन पर क्या है मांग?

    स्कूल टीचर्स सोसाइटी ने प्रस्ताव दिया कि 50% विभागीय शिक्षकों को प्रिंसिपल के पद पर प्रमोट किया जाए। साथ ही 25% पद परीक्षा कोटे से भरे जाएं। एक और प्रस्ताव 'हेड ऑफ सब्जेक्ट' का नया प्रमोशन पद बनाने का था। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि इस पद का ग्रेड पे 5,400 रुपये होना चाहिए, जबकि वाइस प्रिंसिपल का ग्रेड पे बढ़ाकर 6,600 रुपये किया जाना चाहिए।

    खबरें और भी

    पुरुष शिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव

    शिक्षकों के संगठन ने कहा कि केंद्र सरकार के सभी शिक्षकों को नौकरी के दौरान कैशलेस मेडिकल सुविधा मिलनी चाहिए। अगर परिवार में सिर्फ पुरुष ही नौकरी करता है, तो उसे भी CCL का फायदा मिलना चाहिए।

    ये भी पढ़ें - Upcoming IPO Next Week: अगले हफ्ते खुलेंगे 9 आईपीओ, ₹259 तक GMP; चेक करें सबकी लिस्ट

    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)