8th Pay Commission: अगर माता-पिता से जुड़ी ये मांग हुई पूरी, तो ₹70000 हो जाएगी आपकी सैलरी?
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम सैलरी (Minimum Basic Salary) तय करने के फॉर्मूले में बदलाव का प्रस्ताव ...और पढ़ें

8th Pay Commission: अगर माता-पिता से जुड़ी ये मांग हुई पूरी, तो ₹70000 हो जाएगी आपकी सैलरी?
HighLights
न्यूनतम सैलरी फॉर्मूले में आश्रित माता-पिता को जोड़ने का प्रस्ताव।
मांग पूरी होने पर न्यूनतम सैलरी ₹69,000 तक संभव।
3.83 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव, वेतन में बड़ा उछाल।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार करने वाले लोगों के लिए बड़ी काम की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस बार न्यूनतम सैलरी तय करने के फॉर्मूले में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, जो सीधे तौर पर आपकी जेब और रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) पर असर डालेगा।
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करते समय 3 यूनिट (पति, पत्नी और दो बच्चे) को ही परिवार का हिस्सा मानता है। लेकिन कर्माचारी यूनियन और पेंशनर्स संगठनों ने इस पुराने नियम पर सवाल खड़े किए हैं।
NCJCM और BPS (Pensioners Association) ने पे कमीशन से मांग की है कि न्यूनतम सैलरी तय करते समय फॉर्मूले को बदला जाए। उन्होंने आयोग से मांग की है कि बच्चों के साथ-साथ डिपेंडेंट पेरेंट्स को भी जोड़ा जाए।
पुराना फॉर्मूला: कर्मचारी + जीवनसाथी + दो बच्चे: कुल 3 यूनिट
नया सुझाव: कर्मचारी + जीवनसाथी + दो बच्चे + डिपेंडेंट पेरेंट्स: कुल 5 यूनिट
5 यूनिट वाले सुझाव को लेकर यूनियनों का तर्क है कि सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में भी परिवार की परिभाषा में माता-पिता को शामिल किया गया है। ऐसे में सभी का कहना है कि पे कमीशन को भी ये 5 यूनिट वाला नियम लागू करना चाहिए।
फिटमेंट फैक्टर पर कितना पड़ेगा असर?
पे कमीशन के दिए सुझाव का यूनियनों ने पूरा कैलकुलेशन भी बताया। 5 यूनिट वाले परिवार के खाने-पीने, पढ़ाई, इलाज, बिजली-पानी, और भविष्य के खर्चों को जोड़कर न्यूनतम सैलरी का प्रस्ताव ₹69,000 हर महीने रखा गया है। अगर पे कमीशन यूनियनों के इस सुझाव को मानता है तो बड़े परिवारों को इसका अच्छा-खासा फायदा मिलेगा।
यूनियनों ने पे कमीशन को 3.83 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया गया है, जिससे बेसिक सैलरी में अच्छा उछाल देखने को मिल सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर संभव नहीं है।
आगे क्या होगा?
अभी तक 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 थी (जिसे 3 यूनिट के हिसाब से कैलकुलेट किया गया था)। अगर 8th Pay Commission इस 5 यूनिट वाले फॉर्मूले को मान लेता है, तो आने वाले 10 सालों के लिए देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का वेतन ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आयोग इस नई मांग पर क्या फैसला लेता है।
