8th Pay Commission: फिर राजनीति में फंसा आयोग? देरी पर भड़के शिव गोपाल मिश्रा, सरकार को दी खुली चेतावनी!
8th Pay Commission Delay: आठवें वेतन आयोग की धीमी प्रक्रिया पर कर्मचारियों का गुस्सा सामने आ रहा है। नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड के नेता शिव गोपाल ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकार और आयोग की धीमी प्रक्रिया (8th Pay Commission delay) पर कर्मचारियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड के नेता और ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के जनलर सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा (Shiv Gopal Mishra 8th Pay commission) ने साफ कहा है कि अगर सरकार और आयोग की लेटलतीफी जारी रही तो कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे और दबाव बनाने के लिए आंदोलन भी किया जा सकता है।
आयोग की लेटलतीफी पर क्या बोले मिश्रा?
शिव गोपाल मिश्रा ने जागरण बिजनेस से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि,
आठवें वेतन आयोग की घोषणा भी पूरी तरह राजनीतिक माहौल में की गई। दिल्ली चुनाव के समय सरकार ने यह ऐलान किया कि जल्द ही आठवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। लेकिन घोषणा के बाद करीब 10 महीने तक इस पर 'सन्नाटा' रहा और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बिहार चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले सरकार ने रंजना प्रकाश देसाई (ranjana prakash desai) की अध्यक्षता में वेतन आयोग के गठन की घोषणा की। यह फैसला साफ तौर पर राजनीतिक समय देखकर लिया गया था।"
चुनाव को ध्यान में रखकर फैसले लेती हैं सरकारें
उनका कहना है कि सरकारें हमेशा चुनावी गणित को ध्यान में रखकर फैसले लेती हैं और मौजूदा सरकार भी उसी हिसाब से चल रही है। इसलिए कई कर्मचारियों को लगता है कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट भी उत्तर प्रदेश चुनाव के आसपास ही सामने आ सकती है।
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कोई एक्सटेंशन नहीं मांगेंगे कर्मचारी संगठन!
हालांकि मिश्रा ने साफ किया कि कर्मचारी संगठन इस मामले में देरी के लिए जिम्मेदार नहीं बनना चाहते। उन्होंने कहा कि आयोग ने कर्मचारियों से सवालों के जवाब 16 मार्च तक मांगे हैं। कुछ लोगों ने समय बढ़ाने की मांग की, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने साफ फैसला किया कि वे कोई एक्सटेंशन नहीं मांगेंगे।
मिश्रा ने कहा कि कर्मचारी संगठन ओवरटाइम काम करके तय समय से पहले जवाब तैयार करेंगे, ताकि बाद में देरी का ठीकरा कर्मचारियों पर न फोड़ा जा सके।
1 जनवरी 2026 से लागू होगा वेतन आयोग!
शिव गोपाल मिश्रा ने यह भी कहा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में इस बार वेतन आयोग को लेकर कई आशंकाएं हैं। खासतौर पर पेंशनर्स को डर है कि सरकार नियमों में बदलाव कर सकती है। हालांकि मिश्रा का कहना है कि सरकार के पास पहले से ही पूरा अधिकार होता है कि वह वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करे या न करे।
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उन्होंने भरोसा जताया कि आठवां वेतन आयोग आखिरकार 1 जनवरी 2026 से ही लागू होगा, क्योंकि इससे अलग कोई तारीख संभव नहीं है। फिलहाल कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार और आयोग अपनी प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी करते हैं या फिर यह मुद्दा भी चुनावी राजनीति में उलझा रहता है।