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    8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट तक, स्टाफ साइड और संगठन की मीटिंग क्या हुई बात?

    Updated: Sat, 14 Mar 2026 01:30 PM (IST)

    8th Pay Commission latest news: आठवें वेतन आयोग पर स्टाफ साइड की बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉईज फेडरेशन ...और पढ़ें

    8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट तक, स्टाफ साइड और संगठन की मीटिंग क्या हुई बात?

    8th Pay Commission: कैशलेस मेडिकल, 400 ईएल से लेकर रिटायरमेंट तक, स्टाफ साइड और संगठन की मीटिंग क्या हुई बात?

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    नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर स्टाफ साइड की दूसरी मीटिंग से पहले कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर हलचल तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने अब अपनी प्रमुख मांगों को सरकार तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    इसी कड़ी में ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने NC-JCM (स्टाफ साइड) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा से मुलाकात की (NC JCM staff side meeting), जिसमें उन्होंने कर्मचारियों से बड़े मुद्दों पर चर्चा की।

    किन मुद्दों पर हुई बात और क्या दिए सुझाव?

    डॉ. मंजीत पटेल ने बताया कि,

    बैठक में दिल्ली, अन्य केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और केंद्रीय स्वायत्त संस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई प्रस्ताव सामने रखे गए। इनमें सबसे प्रमुख मांग 400 दिन की ईएल यानी अर्जित अवकाश (earned leave encashment increase) एनकैशमेंट की है।"

    उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में मिलने वाली सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए ताकि रिटायरमेंट के समय उन्हें अधिक लाभ मिल सके।

    इसके अलावा कर्मचारियों के लिए परंपरागत धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए 28 दिन के विशेष अवकाश की व्यवस्था करने की मांग भी रखी गई। वहीं हर साल 14 दिन की कैजुअल लीव (CL) और 30 दिन की अर्जित अवकाश (EL) सुनिश्चित करने का मुद्दा भी चर्चा में रहा।

    रिटायरमेंट के बाद CGHS के विकल्प की मांग

    स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी कई अहम प्रस्ताव रखे गए। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को CGHS (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) का विकल्प दिया जाए और इलाज के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि कर्मचारियों को मेडिकल खर्च के लिए जेब से भुगतान न करना पड़े।

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    बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि केंद्र सरकार के सर्कुलर और आदेशों की प्रतियां सीधे केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी जाएं, ताकि नीतियों के क्रियान्वयन में देरी न हो।

    शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मांग शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र 65 साल करने की भी उठाई गई।

     

    यह भी पढ़ें- 8th Pay Commission: फिर राजनीति में फंसा आयोग? देरी पर भड़के शिव गोपाल मिश्रा, सरकार को दी खुली चेतावनी!

    लाखों कर्मचारियों-पेंशनर्स को होगा फायदा?

    डॉ. पटेल के मुताबिक, इन सभी मांगों को JCM के कॉमन मेमोरेंडम में शामिल करने पर चर्चा हुई, ताकि आठवें वेतन आयोग के साथ होने वाली बैठकों में इन्हें आधिकारिक तौर पर रखा जा सके।

    JCM की ओर से इन सभी मुद्दों को आठवें वेतन आयोग के सामने उठाने पर सहमति जताई गई है। साथ ही यह भी सहमति बनी कि केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व JCM में सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

    कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि अगर ये मांगें वेतन आयोग की सिफारिशों में शामिल होती हैं, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है।