Akasa एयरलाइन्स में Indigo से 3 गुना ज्यादा निकले डिफेक्ट! फिर भी क्या है सुरक्षा की असली तस्वीर?
Akasa Air ने जनवरी-जून 2026 के बीच 151 तकनीकी खामियां रिपोर्ट की हैं, जो इंडिगो और एयर इंडिया से काफी अधिक हैं।

क्या है सुरक्षा की असली तस्वीर?
HighLights
आकासा एयर ने जनवरी-जून 2026 में 151 तकनीकी खामियां बताईं।
सीईओ ने स्पष्ट किया, डिफेक्ट हमेशा सुरक्षा उल्लंघन नहीं होते।
डीजीसीए की सुरक्षा उल्लंघन कार्रवाई डिफेक्ट रिपोर्ट से भिन्न है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: Akasa Air की फ्लाइट्स में तकनीकी खामियों के आंकड़ें सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि किया एयरलाइन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है? दरअसल, जनवरी से जून 2026 के बीच Akasa Air ने घरेलू उड़ानों में 151 बड़ी कमियां रिपोर्ट की गई हैं। यह संख्या Indigo के 44 और Air India के 36 मामलों से काफी ज्यादा है।
40 से ज्यादा विमानों के बेड़े में 151 डिफेक्ट
सरकार ने यह आंकड़ा राज्यसभा में DGCA की निगरानी से जुड़ी जानकारी के जवाब में पेश किया था। जून 2026 तक Akasa के पास 40 से ज्यादा विमान थे, जबकि Indigo के बेड़े में करीब 432 विमान थे। ऐसे में केवल कुल संख्या देखकर Akasa को ज्यादा असुरक्षित मानना सही तस्वीर नहीं दिखाता।
डिफेक्ट का मतलब हमेशा सुरक्षा का उल्लंघन नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, Akasa के CEO विनय दूबे ने कहा कि इन आंकड़ों को सीधे सुरक्षा उल्लंघन मानना गलत होगा। उनका कहना है कि एयरलाइन कई बार किसी पार्ट के खराब होने के इंतजार करने के बजाय उसे पहले ही बदल देती है। ऐसी स्थिति में भी उस बदलाव को ‘सिग्निफिकेंट डिफेक्ट’ के तौर पर रिपोर्ट किया जा सकता है।
बाकी एयरलाइन्स के आंकड़ें क्या कहते हैं?
जनवरी-जून 2026 के दौरान घरेलू उड़ानों में Air India Express ने 51, indigo ने 44, Air India ने 36, SpiceJet ने 7 डिफेक्ट रिपोर्ट किए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी जोड़ने पर आंकड़ों में थोड़ा बदलाव आता है।
पिछले वर्षों के आंकड़े भी बताते हैं कि संख्या में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। Akasa ने 2023 में 143, 2024 में 243 और 2025 में 195 घरेलू सिग्निफिकेंट डिफेक्ट रिपोर्ट किए थे। वहीं IndiGo के आंकड़े क्रमशः 87, 75 और 86 रहे।
DGCA की कार्रवाई अलग मामला
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिग्निफिकेंट डिफेक्ट और सेफ्टी वॉयलेशन एक ही चीज नहीं हैं। सरकार के अनुसार जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच DGCA ने एयरलाइंस को सुरक्षा उल्लंघनों के मामले में 382 शो-कॉज नोटिस जारी किए। इन मामलों में जुर्माना, चेतावनी और अन्य नियामकीय कार्रवाई शामिल हो सकती है।
इसलिए Akasa के 151 डिफेक्ट को सीधे 151 सुरक्षा उल्लंघन मानना सही नहीं होगा। असली तस्वीर समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि डिफेक्ट किस तरह के थे, कितने मामलों में पार्ट पहले से बदले गए और कितने मामलों में वास्तव में उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आई।
