Gold Loan Stocks: सोने में शानदार उछाल से चमके मुथूट और मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर, 4.5% तक की तगड़ी तेजी!
सोने की कीमतों में उछाल से गोल्ड लोन कंपनियों मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में 4.5% तक की तेजी आई।
-1787550884092_m.webp)
चमके मुथूट और मणप्पुरम फाइनेंस
HighLights
सोने की कीमतों में उछाल से गोल्ड लोन शेयरों में तेजी।
मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस के शेयर 4.5% तक बढ़े।
कमजोर डॉलर और ट्रेजरी यील्ड ने सोने को महंगा किया।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: शेयर बाजार में सोने (gold) की बढ़ती कीमतों का सीधा फायदा गोल्ड लोन बांटने वाली कंपनियों (gold financiers) को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव अपने 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद, मुथूट फाइनेंस (Muthoot finance) और मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) जैसी प्रमुख गोल्ड लोन कंपनियों के शेयर में 4.5% तक का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
शेयरों में दिखा तगड़ा एक्शन
बाजार के हालिया रुझानों के अनुसार, सोने की कीमतों में तेजी के चलते इन दोनों दिग्गज NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखी गई। NSE पर मुथूट फाइनेंस का शेयर लगभग 4.85% की तेजी के साथ ₹2.997.80 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में भी करीब 3.41% की उछाल आई और यह ₹351.60 के स्तर तक जा पहुंचा।
क्यों आई सोने की कीमतों में तेजी?
सोने के दाम बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर (US Dollar) का कमजोर होना है। इसके अलावा हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (us bond yields) में गिरावट आई। जब डॉलर और बॉन्ड यील्ड कमजोर होते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ भागते हैं, जिससे सोने की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 3% से ज्यादा की शानदार तेजी आई है।
सोना महंगा हुआ तो इन कंपनियों को कैसे होता है फायदा?
जब सोने की कीमतें बढ़ती है, तो इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा मुथूट और मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियों को इन तीन कारणों से होता है।
1. जब ग्राहक अपना सोना गिरवी रखकर लोन लेते है, तो सोने के दाम बढ़ने से उस गिरवी रखे सोने की वैल्यू भी बढ़ जाती है।
2. सोने की ऊंची कीमतों के कारण, अब ग्राहक उसी 10 ग्राम या 50 ग्राम सोने पर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बड़ा लोन (Higher Loan Amount) प्राप्त कर सकते हैं। इससे इन कंपनियों का एयूएम (AUM - एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के तेजी से बढ़ता है।
3. यदि कोई ग्राहक लोन नहीं चुका पाता (Default), तो सोने की बढ़ी हुई कीमतों के कारण कंपनियां आसानी से उस सोने को नीलाम करके अपनी पूरी रकम (ब्याज सहित) वसूल कर सकती हैं। इससे उनका लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो मेंटेन रहता है और डूबने का खतरा (Credit Risk) कम हो जाता है।
